तमिलनाडु की राजनीति में 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए नई रणनीति अपना रही है, जिसमें अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के साथ गठबंधन की संभावना पर गंभीर विचार किया जा रहा है।
जानकारी दे दें कि, यह प्रयास TVK के एक प्रवक्ता फेलिक्स जेरार्ड के बयान के बाद और तेज हुए, जिन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिकता विरोधी रुख के मामले में कांग्रेस और TVK स्वाभाविक सहयोगी हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और TVK धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिकता के खिलाफ रुख में स्वाभाविक साझेदार हैं। राहुल गांधी और हमारे नेता भी मित्र हैं। कांग्रेस और TVK के गठबंधन की कई संभावनाएं हैं।
बता दें कि, तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण जटिल हैं। DMK के नेतृत्व में सत्तारूढ़ गठबंधन मजबूत है, जबकि AIADMK-भाजपा गठबंधन में भी तनाव है। AIADMK नेता EPS ने बार-बार भाजपा के साथ गठबंधन से इनकार किया है, लेकिन भाजपा एनडीए को मजबूत बनाने के लिए नए साझेदार तलाश रही है। 2021 में भाजपा को सिर्फ 4 सीटें मिलीं, जबकि AIADMK 66 सीटों पर सिमट गई। 2024 लोकसभा में दोनों अलग-अलग लड़े और कोई सीट नहीं जीती।
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा TVK के साथ गठबंधन से AIADMK के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है, खासकर युवाओं और मध्यम वर्ग में। हालांकि, TVK ने अभी तक कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि कोई भी गठबंधन तभी संभव है जब विजय मुख्यमंत्री पद के चेहरे हों और TVK गठबंधन का नेतृत्व करे। यह शर्त AIADMK या भाजपा के लिए मुश्किल हो सकती है।
बता दें कि, पोंगल तक गठबंधन का ढांचा तैयार होने की उम्मीद है। भाजपा की रणनीति साफ है—जीत पर फोकस, न कि सिर्फ चुनाव लड़ने पर। तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव ऐतिहासिक साबित हो सकता है, जहां अभिनेता विजय की एंट्री ने पारंपरिक दलों को चुनौती दी है।
