नई दिल्ली।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल पूरा होने पर एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उन्होंने महज 10 महीनों में 8 युद्ध खत्म करवाए हैं, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच का तनाव भी शामिल है। ट्रम्प ने कहा कि भारत-पाकिस्तान हालात परमाणु युद्ध की कगार पर पहुंच गए थे, जहां 8 विमान गिराए जा चुके थे, लेकिन उनकी मध्यस्थता से दुनिया एक बड़े परमाणु युद्ध से बच गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर युद्ध रुकवाने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था।
ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, “मैंने 8 अनएंडेबल युद्ध 10 महीनों में खत्म किए। भारत और पाकिस्तान सच में लड़ रहे थे। 8 प्लेन गिराए गए। मेरी राय में वे न्यूक्लियर जाने वाले थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यहां आए और कहा कि मैंने 10 मिलियन लोगों की जान बचाई।” उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर तंज कसा कि ओबामा को कुछ हफ्तों में नोबेल मिल गया, जबकि उन्होंने कुछ नहीं किया। ट्रम्प ने कहा, “ओबामा को पता ही नहीं था कि उन्हें क्यों मिला। मुझे हर युद्ध के लिए नोबेल मिलना चाहिए था।”
हालांकि, भारत ने ट्रम्प के दावे को बार-बार खारिज किया है। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हुआ था, लेकिन भारत सरकार ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच सीधा समझौता था, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी। पाकिस्तान की ओर से कुछ बयान ट्रम्प की सराहना करते दिखे, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया कि कोई अमेरिकी मध्यस्थता नहीं हुई। ट्रम्प ने इस दावे को 80 से अधिक बार दोहराया है, खासकर मई 2025 से।
ट्रम्प की विदेश नीति पर भी सवाल उठे। उन्होंने WTO, UN और NATO से दूरी बनाई, कई देशों पर टैरिफ लगाए और ग्रीनलैंड पर दावा किया। हाल ही में नॉर्वे के प्रधानमंत्री को मैसेज में ट्रम्प ने कहा कि नोबेल न मिलने से अब वे “प्योरली पीस” पर विचार नहीं करेंगे। नोबेल 2025 में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो को मिला, जिन्होंने ट्रम्प को अपना मेडल ऑफर किया, लेकिन नोबेल कमिटी ने कहा कि पुरस्कार ट्रांसफर नहीं हो सकता।
