अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली आज (24 फरवरी 2026) से पूरी तरह बंद हो गई है। यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 20 फरवरी 2026 के ऐतिहासिक 6-3 बहुमत वाले फैसले के बाद आया है, जिसमें कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि IEEPA राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं देता। इस फैसले ने ट्रम्प प्रशासन की व्यापक टैरिफ नीति को बड़ा झटका दिया है, जो विदेशी खतरों और व्यापार असंतुलन को संबोधित करने के नाम पर लगाए गए थे।
जानकारी के लिए बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने दो मामलों – Learning Resources, Inc. v. Trump और Trump v. V.O.S. Selections, Inc. – में फैसला सुनाया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की राय में लिखा कि अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद 1, धारा 8 के तहत टैक्स, ड्यूटी और टैरिफ लगाने की शक्ति केवल कांग्रेस के पास है। IEEPA, जो विदेशी आपातकाल में राष्ट्रपति को कुछ आर्थिक शक्तियां देता है, टैरिफ लगाने का स्पष्ट उल्लेख नहीं करता। कोर्ट ने कहा कि “regulate … importation” शब्द टैरिफ या ड्यूटी लगाने की अनुमति नहीं देते, क्योंकि ऐसी शक्ति कांग्रेस ने कभी स्पष्ट रूप से नहीं सौंपी। यह पहली बार था जब किसी राष्ट्रपति ने IEEPA को टैरिफ के लिए इस्तेमाल किया था, और कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार दिया।
इस संबंध में यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने 23 फरवरी को एक बयान में कहा कि IEEPA से जुड़े सभी टैरिफ कोड कार्गो सिस्टम से हटा दिए जाएंगे। वसूली 24 फरवरी 2026 को सुबह 12:01 बजे (ईस्टर्न टाइम) से बंद हो गई, जो भारतीय समयानुसार सुबह लगभग 10:31 बजे है। ट्रम्प ने 20 फरवरी शाम को ही एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी कर इन टैरिफ को “as soon as practicable” खत्म करने का निर्देश दिया था। CBP ने इंपोर्टर्स को निर्देश दिया कि नए आयात पर ये ड्यूटी नहीं लगेंगी।इस संबंध में
