वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को रूसी तेल खरीद के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है। 4 जनवरी 2026 को एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर भारत “रूसी तेल के मुद्दे” पर अमेरिका की मदद नहीं करता, तो वॉशिंगटन भारतीय आयात पर मौजूदा टैरिफ को और बढ़ा सकता है। ट्रंप ने अपने बयान में पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “वे असल में मुझे खुश करना चाहते थे… पीएम मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं। वह एक अच्छे इंसान हैं।
बता दें कि, ट्रंप का रुख भारत के प्रति अक्सर उतार-चढ़ाव वाला दिखता है। एक ओर वे पीएम मोदी को “बहुत अच्छा दोस्त” और “अच्छा आदमी” कहते हैं, वहीं दूसरी ओर रूसी तेल खरीद पर सख्ती बरतते हैं। अक्टूबर 2025 में ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूसी तेल खरीद बंद कर देगा, लेकिन भारत ने इस दावे को खारिज कर दिया था।
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि रूसी तेल से मिलने वाली आय मॉस्को को यूक्रेन युद्ध जारी रखने की ताकत दे रही है। ट्रंप ने कई बार कहा है कि वे युद्ध जल्द खत्म करना चाहते हैं और इसके लिए रूस की ऊर्जा आय को कम करना जरूरी है। वेनेजुएला पर हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद तेल मुद्दा और प्रमुख हो गया है, जहां भी ट्रंप ने तेल को हथियार बनाया है।
कुल मिलाकर, ट्रंप चाहते हैं कि भारत रूस से तेल खरीद और कम करे और अमेरिका के साथ ज्यादा सहयोग करे। यह उनका “अमेरिका फर्स्ट” एप्रोच का हिस्सा है, लेकिन भारत अपनी राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा वैश्विक ऊर्जा बाजार, भू-राजनीति और द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करेगा। भारत को सावधानी से कदम उठाने होंगे ताकि ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलन बना रहे।
