समाचार मिर्ची

वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते टैरिफ वॉर (Tariff War) ने कई देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। ऐसे समय में भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने अपने भारत दौरे के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकसे मुलाकात की और भारत की तीन बड़ी समस्याओं के समाधान का वादा किया।
ट्रंप का टैरिफ वॉर और उसका असर

बता दें कि, इससे पहले सोमवार को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अपने प्रारंभिक वक्तव्य में कहा कि बातचीत में आर्थिक और व्यापारिक मुद्दे, तीर्थयात्रा, लोगों से लोगों के बीच संपर्क, नदी डेटा साझाकरण, सीमा व्यापार, संपर्क और द्विपक्षीय आदान-प्रदान शामिल होंगे। विदेश मंत्री ने इस साल जुलाई में अपनी चीन यात्रा के दौरान उठाई गई चिंताओं पर आगे चर्चा की।

सूत्रों के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को आश्वासन दिया कि चीन भारत की उर्वरक, दुर्लभ मृदा और सुरंग खोदने वाली मशीनों की जरूरतों से जुड़ी तीन प्रमुख चिंताओं का समाधान करेगा।

बता दे कि, दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और कई कूटनीतिक तनाव जरूर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद आर्थिक सहयोग दोनों की मजबूरी है। भारत-चीन व्यापारिक संबंध हर साल बढ़ते रहे हैं। 2023-24 में भारत-चीन व्यापार 135 अरब डॉलर के आसपास रहा। हालांकि इसमें भारत का व्यापार घाटा काफी बड़ा है। चीन की ओर से यह आश्वासन भारत के लिए व्यापार संतुलन सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।

वही, भारत और चीन के बीच भरोसा बनाना आसान नहीं होगा। सीमा विवाद, लद्दाख में तनाव और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की भू-राजनीति अब भी बड़ी चुनौतियाँ हैं। लेकिन अगर चीन वास्तव में भारत की तीन प्रमुख समस्याओं—रेयर अर्थ मिनरल्स, फर्टिलाइजर्स और टनल बोरिंग मशीनों—में सहयोग करता है, तो यह द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय हो सकता है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version