वेनेजुएला में जारी संकट ने नया मोड़ ले लिया है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को खुली धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा है कि यदि रोड्रिग्ज अमेरिका की अपेक्षाओं के अनुसार नहीं चलतीं, तो उनका हाल निकोलस मादुरो से भी ज्यादा बुरा हो सकता है। यह बयान ट्रम्प ने ‘द अटलांटिक’ मैगजीन को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में दिया, जो 4 जनवरी 2026 को प्रकाशित हुआ।
यह घटनाक्रम 3 जनवरी की रात को अमेरिकी सेना द्वारा किए गए सैन्य हमले के बाद सामने आया है, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई ड्रग तस्करी, हथियारों की तस्करी और नारको-टेररिज्म से जुड़े आरोपों के तहत की गई। मादुरो को न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और उन्हें 5 जनवरी को मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में पेश किया जाना है।
हालांकि, 4 जनवरी की रात को रोड्रिग्ज ने अपना रुख नरम किया। ट्रम्प को संबोधित एक बयान में उन्होंने कहा, “हमारे लोग और क्षेत्र युद्ध नहीं, शांति और संवाद चाहते हैं।” यह बदलाव ऐसे समय आया जब ट्रम्प ने उन्हें धमकी दी। विशेषज्ञों का मानना है कि रोड्रिग्ज, जो चाविज्म की कट्टर समर्थक मानी जाती हैं, लेकिन व्यावहारिक और तकनीकी रूप से कुशल हैं, अमेरिका के साथ संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।
हमले में भारी तबाही हुई। वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रिनो लोपेज ने कहा कि हमले में सैनिकों, नागरिकों और मादुरो की सुरक्षा टीम के बड़े हिस्से की मौत हुई। प्रारंभिक रिपोर्टों में 40 से अधिक मौतें बताई गईं, जो बाद में 80 से ऊपर पहुंच गईं। क्यूबा सरकार ने खुलासा किया कि 32 क्यूबाई अधिकारी मारे गए, जो वेनेजुएला सरकार के अनुरोध पर वहां मिशन पर थे। क्यूबा ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने इसे “क्रूर हमला” बताया।
ट्रम्प ने कहा कि वेनेजुएला में चुनाव “सही समय” पर होंगे। फिलहाल, रोड्रिग्ज और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है। यदि सहयोग नहीं हुआ, तो ट्रम्प ने आगे की सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह संकट न केवल वेनेजुएला, बल्कि पूरे क्षेत्र की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को प्रभावित करेगा।
