अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर वेनेजुएला के साथ अपने संबंधों को नया मोड़ देते हुए बड़ी घोषणा की है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल (3 से 5 करोड़ बैरल) उच्च गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित तेल सौंपेगी। यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा और इससे होने वाली कमाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में उनका नियंत्रण रहेगा।
ट्रम्प ने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को इस योजना को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। तेल को स्टोरेज जहाजों के माध्यम से सीधे अमेरिकी बंदरगाहों तक लाया जाएगा। यह घोषणा 6 जनवरी 2026 को की गई, जो हालिया घटनाक्रमों के बाद की पहली बड़ी रियायत है। वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के नेतृत्व वाली सरकार ने इस पर सहमति जताई है, हालांकि उन्होंने पहले अमेरिकी कार्रवाई को “अवैध” बताया था।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया। रोड्रिग्ज, जो मादुरो की करीबी सहयोगी और पूर्व विदेश मंत्री रही हैं, ने शुरुआत में अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की और मादुरो को “एकमात्र वैध राष्ट्रपति” बताया। लेकिन बाद में उन्होंने ट्रम्प प्रशासन के साथ सहयोग की बात कही।
जानकारी दे दें कि, वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार (करीब 303 अरब बैरल) हैं, लेकिन उत्पादन घटकर 9 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया है। प्रतिबंधों, बुनियादी ढांचे की खराबी और आर्थिक संकट के कारण यह संकट गहराया। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिकी कंपनियां इसे ठीक करेंगी और उत्पादन बढ़ाएंगी। इस तेल सौदे से करीब 1.8 से 3 अरब डॉलर की कमाई हो सकती है (वर्तमान बाजार भाव पर)।
बता दें कि, यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद है। कई देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की, जबकि कुछ ने इसे “अवैध आक्रमण” कहा। वेनेजुएला में विरोध प्रदर्शन और समर्थन रैलियां जारी हैं। ट्रम्प का फोकस ऊर्जा सुरक्षा, ड्रग्स रोकना और अमेरिकी हितों पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल उत्पादन बढ़ाने में सालों और अरबों डॉलर लगेंगे। फिलहाल, यह सौदा ट्रम्प की विदेश नीति की जीत के रूप में देखा जा रहा है। वेनेजुएला के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं अमेरिका तानाशाही दिखा रहा जिससे वहां के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं अब देखना होगा कि, वहां की सरकार इसका सामना कैसी करती हैं औरअपने देश को इस मुसिबत से कैसे निकालती हैं फिल्हाल अमेरिका के इस कदम से वेनेजुएला को फायदा होगा।
