Skip to main content

समाचार मिर्ची

उज्जैन। उज्जैन के महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर में सोमवार को करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। दर्शन के लिए लगी कतार में हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के पास अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई श्रद्धालु घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया।

यहां हम आपको यह बता दें कि, श्रावण सोमवार और नागपंचमी के अवसर पर नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के दौरान यह घटना हुई। बैरिकेडिंग में फंसने और आपस में टकराने से 13 श्रद्धालु घायल हुए। इनमें हरिश्चंद्र के पैरों में बेरिकैड्स से टकराने के कारण गंभीर चोट आई है। घायलों में उज्जैन के हिंदू बाई और लक्ष्मीबाई, किशनपुरा के 19 वर्षीय मनीष, गंजबासौदा की अनसूया व उनकी मां ममता, गुजरात के सिलवासा वापी निवासी हरिश्चंद्र, ग्वालियर की 18 वर्षीय सोनम और खुशी, बिहार के दरभंगा निवासी सुजीत कुमार तथा वलसाड गुजरात की तुलसी व उनकी मां रेखा बाई शामिल हैं।नागचंद्रेश्वर मंदिर और हरसिद्धि मंदिर आसपास होने के कारण दर्शन व्यवस्था के मार्ग पर भीड़ का दबाव था। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने में जुट गए। कुछ समय बाद दर्शन व्यवस्था को सुचारू कर दिया गया। घायलों का चरक अस्पताल में उपचार चल रहा है।

बैरिकेडिंग के पास मची अफरा-तफरी

घटना के दौरान दर्शन के लिए बनाए गए मार्ग पर पहले से ही श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव था। नागचंद्रेश्वर मंदिर और हरसिद्धि मंदिर आसपास होने के कारण दोनों ओर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के कारण दर्शन व्यवस्था वाले मार्ग पर भीड़ बढ़ गई थी। इसी बीच डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया।

अफवाह के बाद लोगों में अचानक घबराहट पैदा हुई और कई श्रद्धालुओं ने बैरिकेडिंग के बीच से निकलने का प्रयास किया। भीड़ में एक साथ लोगों के हिलने-डुलने के कारण धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी। बैरिकेडिंग में फंसने और आपस में टकराने से कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

इस घटना ने धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ध्यान आकर्षित किया है। खासकर ऐसे अवसरों पर जब मंदिरों में एक साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, तब दर्शन मार्ग, बैरिकेडिंग और भीड़ के दबाव को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण हो जाता है।

फिलहाल घटना में घायल हुए 13 श्रद्धालुओं का चरक अस्पताल में उपचार चल रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत करंट फैलने की अफवाह के बाद हुई अफरा-तफरी से हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं के बैरिकेडिंग में फंसने और आपस में टकराने के कारण चोटें आईं। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कुछ समय बाद मंदिर में दर्शन व्यवस्था को सुचारू कर दिया।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version