लखनऊ। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद राजनीति में उतरने का ऐलान किया है। जैसा कि समाचार मिर्ची ने भी इस पर विशेष रिपोर्ट की थी कि दिव्या मित्तल सियासी मैदान में उतर सकती हैं लेकिन खास बात ये है कि उन्होंने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ेंगी और स्वतंत्र रूप से जनता की आवाज़ बनकर राजनीति करेंगी।
प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा
दिव्या मित्तल ने लगभग 13 वर्षों तक आईएएस पद पर रहते हुए देवरिया और मीरजापुर जैसे जिलों में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने विकास योजनाओं और सामाजिक मुद्दों पर काम किया। लेकिन कई बार देखा कि मंजूरी और फंड होने के बावजूद योजनाएं ठप पड़ी रहती हैं। यही अनुभव उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा बना।
जनता से सीधा संवाद
राजनीति में उतरते हुए दिव्या मित्तल ने जनता से सीधे जुड़ने के लिए WhatsApp नंबर (9198956957) जारी किया है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करना है। उनका संदेश है— “मैं डरूंगी नहीं, सवाल पूछूंगी। मुझे बाहुबल नहीं चाहिए, जनता का साथ चाहिए।”
उत्तर प्रदेश को कर्मभूमि बताया
दिव्या मित्तल ने कहा कि उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि है और यहीं से वह अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी। उन्होंने जनता से अपील की कि meaningful बदलाव केवल सामूहिक भागीदारी से ही संभव है।
राजनीतिक महत्व
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। किसी पूर्व नौकरशाह का स्वतंत्र राजनीतिक संगठन खड़ा करना यूपी की राजनीति में एक नया प्रयोग माना जा रहा है। उनके कदम से यह संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में जनसंवाद और डिजिटल माध्यम अहम भूमिका निभाएंगे।
