Skip to main content

समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस कार्यसमिति ने अपने आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को पूरे छह छंदों के बजाय केवल पहले दो पदों तक सीमित रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा ने कांग्रेस के इस निर्णय के खिलाफ 10 बिंदुओं का प्रस्ताव पारित किया है और पूरे देश में राजनीतिक प्रदर्शन तथा जनसंपर्क अभियान चलाने का एलान किया है।

यहां बता दें कि, इस संबंध में बता दें कि, इस बीच संसद में पारित राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 के लागू होने के बाद अब राष्ट्र गीत के अपमान या इसके गायन में बाधा डालने पर वही सजा मिलेगी जो राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ के लिए तय थी। नए संशोधन के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोकता है या इसके गायन से जुड़ी किसी सभा में व्यवधान पैदा करता है, तो इसे राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 3 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

आखिर में बताते चले कि, इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को तीन वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति इस अपराध को दोबारा करता है, तो धारा 3क के तहत कम-से-कम एक वर्ष के अनिवार्य कठोर कारावास का प्रावधान लागू होगा। मूल अधिनियम 23 दिसंबर 1971 को बना था, जिसमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को कानूनी सुरक्षा दी गई थी। अब धारा 3 के दायरे में राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी शामिल कर लिया गया है। दंड के प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version