उज्जैन। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी आध्यात्मिकता का सुंदर प्रदर्शन किया है। शनिवार सुबह उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन किए और मंदिर की सबसे खास भस्म आरती में शामिल हुए। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब टीम इंडिया इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक तीसरा मुकाबला खेलने वाली है।
हम आपको बता दें कि, कोहली अकेले इस दर्शन के लिए पहुंचे थे, हालांकि वे पहले भी कई बार यहां आ चुके हैं। उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ भी उन्होंने महाकाल के दर्शन किए हैं। हाल के वर्षों में कोहली और अनुष्का दोनों ही आध्यात्मिकता की ओर अधिक झुकाव दिखा रहे हैं। वे अक्सर आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज से मिलने जाते हैं और जीवन में संतुलन व शांति की तलाश में रहते हैं। कोहली की यह यात्रा न केवल व्यक्तिगत आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्रिकेट के दबावपूर्ण माहौल में मानसिक शांति प्राप्त करने का भी माध्यम लगती है।
विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में उन्होंने पहले मैच में 93 रनों की शानदार पारी खेली थी। वनडे फॉर्मेट में उनकी पिछली छह पारियों में से पांच में उन्होंने 50 से अधिक रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक भी शामिल हैं। उनकी यह निरंतरता भारतीय टीम के लिए बहुत बड़ी ताकत है। सीरीज का पहला मैच भारत ने जीता था, जबकि दूसरा न्यूजीलैंड ने अपने नाम किया।
मिली जानकारी के मुताबिक महाकाल दर्शन के बाद कोहली इंदौर लौट आए हैं, जहां टीम प्रैक्टिस सेशन में व्यस्त है। फैंस का मानना है कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद कोहली को और मजबूत बनाएगा और वे मैच में बड़ा स्कोर बनाकर भारत को जीत दिलाएंगे। क्रिकेट में आस्था और प्रदर्शन का यह मेल अक्सर देखने को मिलता है। सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी और अब विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी समय-समय पर मंदिरों में जाकर शांति और ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
ऐसा माना जा रहा हैं कि, यह दौरा कोहली की व्यक्तिगत यात्रा के साथ-साथ टीम इंडिया के लिए भी शुभ संकेत है। निर्णायक मैच में अगर कोहली बड़ा स्कोर बनाते हैं, तो भारत न केवल सीरीज जीतेगा, बल्कि अपनी घरेलू वनडे सीरीज में लगातार मजबूत प्रदर्शन का सिलसिला भी जारी रखेगा। क्रिकेट प्रेमी अब उत्सुकता से रविवार के मैच का इंतजार कर रहे हैं, जहां विराट का बल्ला और महाकाल का आशीर्वाद दोनों साथ होंगे।
