नई दिल्ली। आजकल कई लोग अपने बगीचों में ऐसे फूल लगाना चाहते हैं, जो न केवल रंग-बिरंगे हों बल्कि पूरे मौसम तक सुगंध और सुंदरता बनाए रखें। वसंत का मौसम आते ही बगीचों में हरियाली और रंगों की बहार आने लगती है। गार्डन विशेषज्ञों के अनुसार, वसंत के शुरुआती दिनों में फूलों की प्लांटिंग करने से वसंत के साथ-साथ गर्मियों और पतझड़ तक बगीचा जीवंत और सुगंधित बना रहता है। पैंसी, डाहलिया, ग्लैडियोलस, लिली जैसी बहुरंगी और टिकाऊ फूलों की किस्में न सिर्फ रंग भरती हैं बल्कि तितलियों और मधुमक्खियों को भी आकर्षित करती हैं।
एशियाटिक लिली कम देखभाल में आसानी से खिलते हैं। इनके चमकीले और रंगीन फूल ह्यूमिंगबर्ड्स और तितलियों को आकर्षित करते हैं। ये पूरी धूप और अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी में सबसे बेहतर खिलते हैं। पैंसी वसंत के शुरुआती दिनों में आसानी से खिल जाते हैं। इनकी रंगों की विविधता बगीचे में खास रंग भर देती है। पैंसी छोटे कंटेनर और बगीचों दोनों में आसानी से उगते हैं और ठंडी जलवायु में भी टिकाऊ रहते हैं।
कॉपरटिप्स अपने गर्म और चमकीले रंगों के लिए जाने जाते हैं। ये मिड-समर से फॉल तक खिलते रहते हैं। हल्की मिट्टी और नियमित पानी देना इनके लिए पर्याप्त है। ग्लैडियोलस लंबे तने और रंग-बिरंगे फूलों के लिए लोकप्रिय हैं। ये गर्मियों में बगीचे में सजावट के लिए आदर्श हैं और गुलदस्ते में भी आकर्षक लगते हैं। सौर प्रकाश वाली जगह पर लगाकर सहारा देकर इन्हें उगाना बेहतर होता है।
डाहलिया रंग, रूप और आकार में विविधता रखते हैं। ये मिड-समर से फॉल तक खिलते हैं। इन्हें सहारा देकर उगाना चाहिए ताकि लंबे तने टूटें नहीं। कनेया लिली अपने ट्रॉपिकल लुक और बड़े फूलों के लिए जानी जाती है। ये वसंत के बाद गर्मियों में बगीचे में आकर्षक माहौल बनाती है। अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी और हल्की धूप वाली जगह इनके लिए उपयुक्त है।
