मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में 31 जनवरी 2026 को एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण दर्ज हुआ, जब अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक दल की नेता सर्वसम्मति से चुना गया। इसके साथ ही वे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गईं। शाम 5 बजे राजभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। यह घटना अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के मात्र चार दिनों बाद हुई, जिसने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को हिला दिया था।
इस संबंध में जानकारी दे दें कि, सुनेत्रा पवार शनिवार सुबह अपने बेटे पार्थ पवार के साथ मुंबई पहुंचीं। एयरपोर्ट से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उनकी मौजूदगी ने यह साफ संकेत दे दिया था कि दिन बड़ा राजनीतिक फैसला लेकर आने वाला है। कुछ ही घंटों के भीतर NCP विधायक दल की बैठक बुलाई गई और दोपहर करीब दो बजे मुंबई के विधान भवन में यह अहम बैठक शुरू हुई।
बताते चले कि, शपथ ग्रहण समारोह कम प्रचार वाला (लो-की) रखा गया, क्योंकि पूरा माहौल शोक से भरा था। समारोह राजभवन या लोक भवन में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी) इस फैसले का पूर्ण समर्थन करता है। एनसीपी नेताओं ने शुक्रवार को फडणवीस से मुलाकात की और सहमति जताई। सुनेत्रा पवार को अजित पवार के अधिकांश विभाग (वित्त और नियोजन को छोड़कर) सौंपे जा सकते हैं,
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम एनसीपी में नेतृत्व निरंतरता सुनिश्चित करेगा। महायुति सरकार मजबूत बनी रहेगी। आने वाले दिनों में सुनेत्रा पवार के कार्यकाल पर नजर रहेगी, खासकर विकास योजनाओं, बजट और ग्रामीण मुद्दों पर। शरद पवार का बयान भावनात्मक एकता का संदेश देता है, जो परिवार और पार्टी दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। महाराष्ट्र की राजनीति में यह संक्रमण काल चुनौतीपूर्ण लेकिन स्थिरता का प्रतीक साबित हो रहा है।
