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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने TMC की याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर कोई नया आदेश देने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति नियमों के खिलाफ नहीं है। बेंच ने कहा कि इस मामले में किसी भी नए दिशा-निर्देश की जरूरत नहीं है। अदालत ने चुनाव आयोग के उस प्रतिवेदन को रिकॉर्ड पर लिया जिसमें आयोग ने आश्वासन दिया कि संबंधित सर्कुलर को उसके पूर्ण अर्थ और भावना के साथ लागू किया जाएगा।

टीएमसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिका में हर टेबल पर केंद्र सरकार या पीएसयू कर्मचारियों की अनिवार्य तैनाती को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान TMC ने अपना रुख नरम करते हुए कहा कि वे केवल इतना चाहते हैं कि सर्कुलर के अनुसार प्रत्येक टेबल पर कम से कम एक राज्य सरकार का कर्मचारी हो।

चुनाव आयोग ने 30 अप्रैल को निर्देश जारी कर मतगणना की हर टेबल पर सुपरवाइजर या असिस्टेंट में से कम से कम एक कर्मचारी केंद्र सरकार या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग का अनिवार्य किया था। कलकत्ता हाई कोर्ट पहले ही इस आशंका को खारिज कर चुका है।

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