वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा की है। यह समझौता ट्रंप द्वारा लगाए गए डेडलाइन से ठीक पहले हुआ, जिसमें ईरान को शर्तें मानने या बड़े पैमाने पर हमलों का सामना करने की चेतावनी दी गई थी। समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल ईरान पर बमबारी दो हफ्ते के लिए निलंबित कर देंगे, बशर्ते ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोल दे।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। ईरान ने सीजफायर स्वीकार कर लिया है और उसके सशस्त्र बल हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित गुजरने का समन्वय करेंगे। दोनों पक्षों ने इस समझौते को अपनी जीत बताया है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि देश अपने रक्षात्मक अभियानों को रोक देगा।
इस सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजराइल ट्रंप के फैसले का समर्थन करता है, लेकिन यह युद्धविराम लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई पर लागू नहीं होगा। ईरान ने 10 सूत्री शांति योजना प्रस्तावित की है, जिसमें क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, प्रतिबंध हटाना और मुआवजा शामिल है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता में शुक्रवार को इस्लामाबाद में शुरू होने वाली है।
apnews.comसीजफायर की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही खाड़ी देशों ने ईरान से मिसाइल हमलों की सूचना दी, जिससे क्षेत्र में हवाई सुरक्षा प्रणालियां सक्रिय हुईं। दोनों पक्ष अब आगे की वार्ता के लिए तैयार हैं।
