वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान संघर्ष में निर्णायक जीत का दावा किया है। व्हाइट हाउस के क्रॉस हॉल से दिए गए 19 मिनट के संबोधन में उन्होंने कहा कि अमेरिका की सेना ने करीब एक महीने पहले ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ शुरू किया था, जिसका लक्ष्य ईरान था। उन्होंने कहा कि इन चार हफ्तों में ईरान के युद्धक्षेत्र में अमेरिका ने पूरी तरह दबदबा बना लिया है।
ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता काफी हद तक घट गई है। उनके हथियार बनाने वाले कारखाने और रॉकेट लॉन्चर तबाह कर दिए गए हैं तथा अब बहुत कम बचे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना अब खत्म हो चुकी है और देश की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। ट्रम्प ने आगे कहा कि ईरान की सेना अब अमेरिका के कंट्रोल में है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका के मुख्य रणनीतिक लक्ष्य अब लगभग पूरे हो चुके हैं और ईरान में मिशन खत्म करने के करीब हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यह काम पूरा होने में अभी 2 से 3 हफ्ते और लग सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए जाएंगे। अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका तेहरान को पाषाण काल में भेज देगा।
ट्रम्प ने संबोधन में ईरान पर हमले तेज करने की बात कही, जिसमें पावर प्लांट और तेल सुविधाओं को निशाना बनाने का जिक्र भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
