अमेरिका।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने उन्हें ‘बहुत कमजोर’ बताया है। ट्रंप ने ईरान युद्ध पर पोप की शांति अपील के जवाब में कहा कि पोप अपराध के मामले में कमजोर हैं और विदेश नीति के लिहाज से भी बेहद कमजोर हैं।शनिवार को पोप लियो ने वैश्विक शांति की अपील करते हुए कहा, “स्वार्थ और धन की पूजा बंद करो। शक्ति प्रदर्शन बंद करो। युद्ध बंद करो।” उन्होंने ‘सर्वशक्तिमानता के भ्रम’ के प्रति आगाह किया और नेताओं से सैन्यीकरण के बजाय बातचीत व मध्यस्थता को प्राथमिकता देने की गुहार लगाई। पोप ने हिंसा को उचित ठहराने के लिए धर्म का इस्तेमाल करने के खिलाफ भी चेतावनी दी।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर पोप लियो पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पोप ट्रंप प्रशासन के डर की बात तो करते हैं, लेकिन कोविड के दौरान कैथोलिक चर्च और अन्य ईसाई संगठनों पर लगे प्रतिबंधों का जिक्र तक नहीं करते, जब प्रार्थना सभाओं पर पादरियों को गिरफ्तार किया जा रहा था।ट्रंप ने पोप पर ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं के प्रति नरम रुख और अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो यह सोचे कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है या वेनेजुएला जैसे देशों में अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना करे।” ट्रंप ने पोप को सलाह दी कि वे अपनी हरकतें सुधारें और राजनीति करना बंद करें।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पोप को शुक्रगुजार होना चाहिए क्योंकि उन्हें पोप बनाने में उनकी अमेरिकी पहचान का योगदान था। उन्होंने कहा कि वे वही कर रहे हैं जिसके लिए उन्हें भारी बहुमत से चुना गया था। इस बयान से वेटिकन सिटी और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है।
