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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। तुलसी का पौधा भारतीय घरों में सिर्फ एक पौधे के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और शुभता के प्रतीक के तौर पर रखा जाता है। मान्यता है कि घर में तुलसी का पौधा हरा-भरा रहने से सकारात्मक माहौल बना रहता है और सुख-समृद्धि आती है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं, जिनमें पौधा लगाने का दिन, उसकी दिशा और पत्तियां तोड़ने का समय शामिल है।

वास्तु मान्यताओं के अनुसार गुरुवार और शुक्रवार को तुलसी का नया पौधा लगाना शुभ माना जाता है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु से जुड़ा माना जाता है, जबकि शुक्रवार मां लक्ष्मी को समर्पित है। कार्तिक माह को भी तुलसी लगाने के लिए विशेष शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस महीने में तुलसी का पौधा लगाने और तुलसी विवाह करने से घर में शुभता बनी रहती है।

मान्यताओं के अनुसार रविवार, सोमवार और एकादशी तिथि को तुलसी का नया पौधा नहीं लगाना चाहिए। सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, श्राद्ध पक्ष और होलिका दहन के दिन भी तुलसी का पौधा खरीदने या लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।

वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे के लिए उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को शुभ माना गया है। मान्यता है कि इन दिशाओं में तुलसी रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अगर घर में आंगन की सुविधा है तो तुलसी को वहां रखा जा सकता है। फ्लैट में रहने वाले लोग इसे बालकनी में भी रख सकते हैं। पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे पर्याप्त धूप और हवा मिल सके।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, सूर्य संक्रांति और रात के समय तुलसी की पत्तियां नहीं तोड़नी चाहिए। मध्य रात्रि और अशौच के समय भी तुलसी को छूने से बचने की मान्यता है। तुलसी की पत्तियां जरूरत के अनुसार दिन में ही तोड़ना उचित माना जाता है और पौधे को नुकसान पहुंचाए बिना पत्तियां लेने की सलाह दी जाती है।

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