समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक डॉ. नीरज बोरा के एक बयान ने नया घमासान खड़ा कर दिया है। विधायक ने दावा किया कि जहां वोट कट रहे हैं, वहीं उतने ही बढ़ भी रहे हैं और उन्होंने महज एक हफ्ते में 18 हजार नए वोट बढ़वाने का काम किया है। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के मीडिया सेल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बता दें कि, विवाद की शुरुआत भाजपा विधायक नीरज बोरा के बयान से हुई। लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा, जो 2022 के चुनाव में सपा की पूजा शुक्ला को हराकर जीते थे, ने एक कार्यक्रम या बैठक में कहा कि एसआईआर में जहां कुछ वोट कट रहे हैं, वहीं नए वोट भी जुड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से दावा किया कि उन्होंने एक हफ्ते में 18 हजार वोट बढ़वाए हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सपा ने इसे तुरंत पकड़ा और एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि यह स्वीकारोक्ति एसआईआर में हेराफेरी का प्रमाण है। सपा के अनुसार, एक विधायक का यह बयान दर्शाता है कि भाजपा एसआईआर का दुरुपयोग कर अपने पक्ष में वोट बढ़ा रही है, जो चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधा हमला है।

वही, विवाद बढ़ने पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा के कार्यालय ने तुरंत स्पष्ट जवाब दिया। आयोग ने एक्स पर ही आंकड़े साझा करते हुए कहा कि लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र में बीते एक सप्ताह में केवल 1407 फॉर्म-6 (नए नाम जोड़ने के आवेदन) ही जमा हुए हैं। 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अब तक एक भी नया वोट नहीं बढ़ाया गया है, क्योंकि आवेदनों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया जारी है। आयोग ने साफ कहा कि बिना तथ्यों की पड़ताल किए किसी के बयान पर निष्पक्षता पर संदेह करना अन्यायपूर्ण है।

जानकारी दे दें कि, इस घटना से राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। सपा इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति का हिस्सा बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि एसआईआर लोकतंत्र को मजबूत करने का काम है। चुनाव आयोग की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। मतदाताओं के लिए सलाह है कि वे आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या ceouttarpradesh.nic.in पर अपना नाम चेक करें और यदि आवश्यक हो तो दावा-आपत्ति दर्ज करें।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version