नई दिल्ली।अमेरिका ने ईरानी क्रूड तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा दिया है। ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को 30 दिनों की छूट जारी की, जो समुद्र में लोडेड ईरानी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद-बिक्री की अनुमति देती है। यह छूट 20 मार्च से 19 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कदम यूएस-इजरायल युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने और वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने के लिए उठाया गया है। यह युद्ध शुरू होने के बाद तीसरी बार दी गई ऐसी अस्थायी छूट है।
केप्लर के क्रूड ऑयल मार्केट डेटा के अनुसार, मध्य पूर्व की खाड़ी से चीन के पास तक फैले जहाजों में लगभग 17 करोड़ (170 मिलियन) बैरल ईरानी क्रूड तेल समंदर में मौजूद है। एनर्जी एस्पेक्ट्स की कंसल्टेंसी ने 19 मार्च तक 13 से 14 करोड़ बैरल तेल पानी पर होने का अनुमान लगाया है, जो मध्य पूर्व उत्पादन के 14 दिनों के बराबर है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी ने कहा कि इस छूट से वैश्विक बाजार में लगभग 14 करोड़ बैरल तेल उपलब्ध होगा, जिससे आपूर्ति पर दबाव कम होगा।
भारतीय रिफाइनरियां ईरानी तेल की खरीद फिर शुरू करने की तैयारी में हैं। तीन भारतीय रिफाइनरों ने ईरानी तेल खरीदने की इच्छा जताई है और वे सरकार से भुगतान शर्तों पर निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले ईरानी तेल मुख्य रूप से चीन खरीदता था। एशियाई रिफाइनरियां भी इसी तरह के कदम उठाने पर विचार कर रही हैं, क्योंकि एशिया अपनी 60 प्रतिशत क्रूड आपूर्ति मध्य पूर्व से करता है और होर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने से परिचालन चुनौतियां बढ़ गई हैं।
