नई दिल्ली। वैशाख माह की शुरुआत 3 अप्रैल 2026, बुधवार से हो रही है। इस महीने को माधव मास कहा गया है, जो भगवान विष्णु का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार, वैशाख मास में किया गया एक छोटा सा दान भी अक्षय फल प्रदान करता है। इस माह में दान का 100 गुना फल मिलता है।
जलदान को इस महीने में सबसे बड़ा पुण्य बताया गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति प्यासे को पानी पिलाता है या रास्ते में प्याऊ लगवाता है, उसे कई यज्ञों के समान फल प्राप्त होता है। सूर्य मेष राशि में प्रवेश करने के कारण इस समय गर्मी बढ़ने लगती है, इसलिए वैशाख के नियम प्रकृति और स्वास्थ्य से जुड़े हुए हैं।
वैशाख माह में पवित्र नदी या घर में गंगाजल डालकर स्नान करने का नियम है, जिससे सभी पापों का नाश होता है। सात्विक भोजन करना चाहिए और तामसिक भोजन से परहेज रखना चाहिए। प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए तथा तुलसी के पौधे में नियमित जल चढ़ाना चाहिए। शाम को तुलसी के पास दीपक जलाना चाहिए। पूरे महीने मन, कर्म और वचन से शुद्ध रहकर ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।दान की वस्तुओं में जल से भरा कलश, पंखा, छाता, सत्तू, खरबूजा और चप्पल शामिल हैं। इस दौरान श्री हरि की पूजा का विशेष महत्व है।
