कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस पार्टी की ओर से वोट बहिष्कार की धमकी सामने आई है। इसका मुख्य कारण मतदाता सूची में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जाना या ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखे जाना है। कांग्रेस नेता मौसम बेनजीर नूर ने इस प्रक्रिया का विरोध करते हुए कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संभव नहीं है।
मौसम नूर ने मुर्शिदाबाद और मालदा जिलों में स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि अंतिम मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम प्रभावित हुए हैं। मालदा जिले में कुल 29,86,203 मतदाताओं में से 8,28,080 को ‘विचाराधीन’ सूची में रखा गया है, जबकि 2,20,153 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। मुर्शिदाबाद जिले में भी इसी तरह की स्थिति बताई गई है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद इशा खान चौधरी के साथ कहा कि जब तक यह स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक चुनाव कराने का कोई औचित्य नहीं है। जरूरत पड़ने पर कांग्रेस चुनाव का बहिष्कार कर सकती है।
मौसम नूर ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व से चुनाव बहिष्कार की मांग करेंगी और पूरे मामले की जानकारी राहुल गांधी तथा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को देंगी। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इस संबंध में अभी कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि वर्तमान हालात में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
