कोलकाता। निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को संकेत दिया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जा सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के नयी दिल्ली कार्यालय में एक और दौर की बैठक के बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारी के अनुसार, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर राज्य की अधिकतर राजनीतिक पार्टियों ने कोलकाता में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हालिया बैठक में एक या दो चरणों में चुनाव कराने की मांग की थी। सुरक्षा बलों सहित अन्य अधिकारियों से भी इसी तरह के सुझाव प्राप्त हुए हैं। दो चरणों में चुनाव कराने से चुनाव संबंधी हिंसा को रोकने में मदद मिलेगी, क्योंकि उपद्रवियों को एक जगह से दूसरी जगह जाकर गड़बड़ी फैलाने का पर्याप्त समय नहीं मिलेगा। अंतिम निर्णय से पहले इस पहलू पर भी विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बंगाल में एक ही चरण में चुनाव कराना असंभव नहीं है, जैसा कि 2024 में 288 सीटों वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में किया गया था, लेकिन इस बार इसकी संभावना बहुत कम है। अधिकारी ने यह भी उल्लेख किया कि चुनाव के दौरान बंगाल में कानून-व्यवस्था निर्वाचन आयोग के लिए बड़ी चिंता का विषय रही है। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनाव पूर्व एवं चुनाव पश्चात की अवधि में सख्त निगरानी का आश्वासन दिया है।
