कोलकाता।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 नजदीक आते ही राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। राज्य में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार के खिलाफ विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस बार एक अनोखी और जन-केंद्रित रणनीति अपनाई है। बीजेपी ने ‘जनता का घोषणापत्र’ तैयार करने के लिए ‘विकसित बंगाल संकल्प पत्र’ अभियान की शुरुआत की है, जिसमें पार्टी जनता से सीधे सुझाव मांग रही है। यह अभियान राज्य के हर कोने में फैलाया जा रहा है, ताकि घोषणापत्र में स्थानीय स्तर की वास्तविक समस्याओं और आकांक्षाओं को शामिल किया जा सके।
हम आपको बता दें कि, बीजेपी का फोकस इस बार वैचारिक बहसों से हटकर मोहल्ला और जमीनी स्तर की चिंताओं पर है, जैसे नागरिक सुरक्षा, सेवा वितरण, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास। पार्टी ने इसे ‘विकसित राज्य’ प्लान का नाम दिया है, जो केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ विजन से प्रेरित है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को लगभग 2.38 करोड़ वोट मिले थे, जो दर्शाता है कि राज्य में बदलाव की चाहत मजबूत है। अब पार्टी जनता की राय लेकर ऐसा घोषणापत्र तैयार करेगी जो वास्तव में लोगों की जरूरतों पर आधारित हो।
वही, इस अभियान के तहत बीजेपी ने कई व्यावहारिक कदम उठाए हैं। राज्य भर में 1,000 से अधिक स्थानों पर ‘आकांक्षा संग्रह बॉक्स’ (ड्रॉप बॉक्स) स्थापित किए गए हैं, जहां लोग लिखित सुझाव डाल सकते हैं। ये बॉक्स सार्वजनिक स्थानों, नगर सभाओं, बाजारों, मंदिरों, संगठनात्मक कार्यक्रमों और पार्टी कार्यालयों में रखे गए हैं। कोलकाता में 17 और 18 फरवरी को मोबाइल वैन के जरिए ये बॉक्स घुमाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग पहुंच सकें।
इस कड़ी मे हम आपको बता दें कि, बीजेपी ने पहले ही राज्य संकल्प पत्र समिति का गठन कर लिया है। इस 11 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक तपस रॉय कर रहे हैं, जो मार्च 2024 में बीजेपी में शामिल हुए थे। समिति में डॉ. अशोक लाहिरी (विधायक) जैसे प्रमुख सदस्य शामिल हैं। यह समिति जनता से प्राप्त सुझावों, प्रमुख मुद्दों, विकास योजनाओं और जन अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर घोषणापत्र तैयार करेगी।पार्टी का अति-स्थानीय दृष्टिकोण इस अभियान की खासियत है। बीजेपी अब बड़े-बड़े भाषणों के बजाय मोहल्ले स्तर पर लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं पर फोकस कर रही है। इसमें शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार, उद्योगपतियों से निवेश आकर्षित करने के सुझाव, विभिन्न क्षेत्रों में विकास कैसे हो, जैसे मुद्दे शामिल हैं। पार्टी का मानना है कि टीएमसी सरकार के 14 साल के शासन में प्रशासनिक विफलता, भ्रष्टाचार, हिंसा और विकास की कमी प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। बीजेपी इन मुद्दों को उठाकर ‘परिवर्तन’ का नारा दे रही है।
