कोलकाता। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी ने पश्चिम बंगाल के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में चुनाव आयोग ने 2026 विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
आयोग ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस कमिश्नर, मंडलायुक्तों, एडीजीपी, आईजी, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को हिदायत दी कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य उद्देश्य मतदाताओं के मन से भय पूरी तरह समाप्त करना है।
प्रशासन को भयमुक्त मतदान का माहौल बनाने, चुनावी हिंसा रोकने, धमकियों पर तुरंत कार्रवाई, प्रलोभन (शराब, पैसा या गिफ्ट) रोकने, छप्पा वोटिंग पर लगाम लगाने, बूथ जेमिंग और सोर्स जेमिंग रोकने के लिए कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण की मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण की मतदान 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी
कुल मिलाकर, चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को हर हाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक और पुलिस तंत्र को पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कार्य करना होगा, ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।
