कोलकाता। वोटवाइब सर्वे के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को 184 से 194 सीटें मिलने का अनुमान है। यह आंकड़ा बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है।सीएनएन-न्यूज18 द्वारा जारी इस सर्वे में भाजपा को 98 से 108 सीटें मिलने का पूर्वानुमान लगाया गया है। छोटी और क्षेत्रीय पार्टियों की मौजूदगी सीमित रहने की उम्मीद है।
सर्वे में टीएमसी को 41.9 प्रतिशत वोट समर्थन मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 34.9 प्रतिशत। लगभग 36.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने वर्तमान टीएमसी विधायकों को दोबारा वोट देने की इच्छा जताई।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी चौथी बार सरकार बनाने जा रही है। कांग्रेस और वाम पार्टियां अपना खोया आधार वापस पाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन सर्वे में उनके लिए कोई विशिष्ट सीट अनुमान नहीं दिया गया है।बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल 2026 को होंगे, जबकि नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव पहले की तुलना में कम चरणों में कराया जा रहा है।
मतदाताओं का रुझान और दोबारा समर्थन
सर्वे में एक दिलचस्प तथ्य यह भी सामने आया है कि लगभग 36.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने वर्तमान टीएमसी विधायकों को दोबारा वोट देने की इच्छा जताई है। यह आंकड़ा सत्तारूढ़ दल के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में टीएमसी की मजबूत संगठनात्मक संरचना, जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभाव और ममता बनर्जी की व्यक्तिगत लोकप्रियता इस बढ़त के पीछे प्रमुख कारण हैं।
भाजपा को चुनौती, लेकिन सत्ता से दूर
सर्वे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 98 से 108 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। यह आंकड़ा भाजपा के लिए एक मजबूत विपक्ष के रूप में उभरने का संकेत जरूर देता है, लेकिन सरकार बनाने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा।
वोट प्रतिशत के आधार पर भी टीएमसी भाजपा से आगे दिखाई दे रही है। सर्वे के अनुसार, टीएमसी को 41.9 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, जबकि भाजपा को 34.9 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। यह अंतर स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राज्य में अभी भी टीएमसी की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
वोटवाइब सर्वे के नतीजे यह संकेत देते हैं कि पश्चिम बंगाल में एक बार फिर टीएमसी की सरकार बनने की संभावना प्रबल है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की लोकप्रियता और पार्टी का मजबूत आधार उन्हें लगातार चौथी जीत दिला सकता है।हालांकि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता के हाथ में होता है, और 4 मई 2026 को आने वाले नतीजे ही यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता पर कौन काबिज होगा।फिलहाल के संकेतों के अनुसार, बंगाल की राजनीति में टीएमसी की पकड़ बरकरार है, जबकि भाजपा मुख्य विपक्ष के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
