कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए होने वाले चुनावों का समीकरण विधानसभा में दलों की संख्या बल के आधार पर पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव परिणामों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी 4 सीटें बरकरार रखने की राह पर है। TMC के पास वर्तमान में 223-225 विधायक हैं, जिसके बल पर वह 5 में से 4 सीटों पर आसानी से जीत दर्ज करेगी। इससे पहले इनमें से 4 सीटें TMC के पास थीं और एक सीट CPI-M के पास थी।
बीजेपी को पहली बार अपनी ताकत के दम पर एक सीट मिलने का अनुमान है। पार्टी के पास 64-65 विधायक हैं, जो स्वतंत्र रूप से एक सीट जीतने के लिए जरूरी 49 वोट हासिल कर लेगी। जीत के बाद बीजेपी के पास 15-16 वोट सरप्लस बचेंगे, लेकिन दूसरी सीट के लिए पर्याप्त नहीं होंगे, बशर्ते कोई क्रॉस-वोटिंग न हो। इस बार किसी गठबंधन की संभावना नहीं है, जिससे सीधे TMC को 4 और BJP को 1 सीट मिलने का अनुमान है। वामदल और कांग्रेस के विधायकों की संख्या नगण्य होने से वे दौड़ से बाहर हैं।
CPI-M नेता विकास रंजन भट्टाचार्य की सीट खतरे में है, क्योंकि विधानसभा में CPI-M का संख्या बल न होने से यह सीट BJP के खाते में जा सकती है। मौसमी बेनजीर नूर ने TMC और राज्यसभा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। TMC के दिग्गज सुब्रत बख्शी, साकेत गोखले और ऋतब्रत बनर्जी का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
