नई दिल्ली। रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर देश के कई राज्यों में तैयारियां तेज हो गई हैं। खास तौर पर मध्य प्रदेश सरकार ने इस बार गेहूं किसानों को बेहतर दाम दिलाने और फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए समय से पहले ही पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। बढ़े हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले बोनस के कारण इस बार किसानों ने गेहूं की खेती में खास रुचि दिखाई है। इसका नतीजा यह रहा कि बीते साल की तुलना में गेहूं की बुवाई का रकबा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।
इस बार किसानों ने गेहूं की बुवाई में दिलचस्पी दिखाई है और बीते साल के रकबे से ज्यादा क्षेत्र में गेहूं की फसल की गई है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार इस बार गेहूं का राष्ट्रीय स्तर पर कुल रकबा 334.17 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो बीते साल की समान अवधि में 328.04 लाख हेक्टेयर की तुलना में 24 लाख हेक्टेयर अधिक है. मध्य प्रदेश में भी 8 लाख से ज्यादा किसानों ने 9 लाख एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की है.
MSP और बोनस से बढ़ा किसानों का भरोसा
सरकार द्वारा गेहूं के MSP में बढ़ोतरी और बोनस राशि की घोषणा ने किसानों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया है। लंबे समय से किसान यह मांग कर रहे थे कि लागत के अनुरूप उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। इस बार MSP के साथ बोनस का लाभ मिलने से किसानों को उम्मीद है कि उन्हें मंडियों में अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी। सरकारी खरीद की प्रक्रिया मजबूत होने से बिचौलियों पर निर्भरता भी कम होगी, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होने की संभावना है।
कटाई के बाद किसानों को गेहूं के भंडारण और बिक्री में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने समय रहते गेहूं खरीद की प्रक्रिया को गति दी है। राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि गेहूं किसानों का पंजीकरण 07 फरवरी से 07 मार्च तक किया जाएगा। पंजीकरण प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।
किसानों को मिलेगा बेहतर मंडी भाव
इस बार सरकारी खरीद मजबूत होने और MSP व बोनस का लाभ मिलने से किसानों को मंडियों में बेहतर भाव मिलने की उम्मीद है। इससे निजी व्यापारियों पर भी दबाव बनेगा कि वे किसानों को उचित कीमत दें। विशेषज्ञों के अनुसार, जब सरकारी खरीद प्रभावी होती है तो बाजार में दाम स्थिर रहते हैं और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल पाता है।
मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल अगर सही तरीके से लागू होती है तो यह अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है। किसानों को समय पर पंजीकरण कराने, सही जानकारी लेने और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर, इस बार गेहूं किसानों के लिए रबी सीजन उम्मीदों से भरा नजर आ रहा है, जहां बढ़ा MSP, बोनस और मजबूत खरीद व्यवस्था उनकी आय को नई मजबूती दे सकती है।
