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समाचार मिर्ची

न्यूयॉर्क सिटी में एक बार फिर भारतीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का संगम देखने को मिला। डेमोक्रेटिक पार्टी के मेयर पद के उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने एक गुरुद्वारे में भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “मोदी और उनकी सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की नीति अपनाती है।” इस बयान के बाद भारतीय सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में जबरदस्त प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

बेगुसराय में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि आज जनता चाहती है कि वर्तमान की बात हो। यहां जनता का गुजारा नहीं हो रहा है। मोकामा की घटना पर उन्होंने कहा कि बिहार की जनता रोज ये सह रही है। किसी भी महिला से पूछ लीजिए क्या वे सुरक्षित हैं? 2 दिन पहले एक नेता की हत्या हुई। उससे पहले कुछ व्यापारियों की भी हत्या हुई।

प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा पलटवार

भारत में राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि, “न्यूयॉर्क के लोग किसे मेयर चुनते हैं, यह उनका निर्णय है, लेकिन जोहरान ममदानी ने गुरुद्वारे में जो बातें कहीं, वह बेहद परेशान करने वाली हैं। क्या उनकी स्क्रिप्ट गुरपतवंत सिंह पन्नू लिख रहा है?”

प्रियंका चतुर्वेदी का यह बयान सीधा इशारा खालिस्तानी समर्थक संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर था, जो लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है।

जोहरान ममदानी कौन हैं?

जोहरान ममदानी एक भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं। वे युगांडा में जन्मे और बाद में अपने परिवार के साथ अमेरिका आकर बसे। ममदानी ने डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में प्रतिनिधि के रूप में चुनाव जीता था। वे फिलिस्तीनी मुद्दों, शरणार्थियों के अधिकारों, और सामाजिक समानता के पक्षधर माने जाते हैं।

भारतीय समुदाय में आक्रोश

न्यूयॉर्क में बसे भारतीय समुदाय के कई सदस्यों ने ममदानी के बयान की निंदा की। उनका कहना है कि गुरुद्वारा जैसे धार्मिक स्थल पर राजनीति करना अनुचित है। समुदाय के एक प्रतिनिधि ने कहा, “अगर कोई उम्मीदवार चुनाव प्रचार करना चाहता है, तो उसे राजनीतिक मंचों पर आना चाहिए, न कि धार्मिक स्थलों पर। भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाना किसी भी जिम्मेदार नेता को शोभा नहीं देता।”

भारत और अमेरिका के बीच संबंध हाल के वर्षों में और मजबूत हुए हैं। रक्षा, तकनीक, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों ने कई अहम समझौते किए हैं। ऐसे में न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक शहर में एक स्थानीय नेता द्वारा भारत पर इस तरह के आरोप लगाना कूटनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील माना जा रहा है।

जोहरान ममदानी के बयान ने न केवल न्यूयॉर्क की स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों में भी एक नया विवाद जोड़ दिया है। एक ओर जहां यह बयान फ्री स्पीच बनाम जिम्मेदारी की बहस को जन्म देता है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या राजनीतिक लाभ के लिए भारत और उसकी सरकार को निशाना बनाना अब एक चुनावी रणनीति बन चुकी है?

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