पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बीजिंग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान भारत-रूस दोस्ती को सराहा। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान को रूस और भारत के बीच मजबूत रिश्तों से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि वे इसका सम्मान करते हैं। उन्होंने पुतिन को “शानदार नेता” बताते हुए कहा कि पाकिस्तान भी रूस के साथ गहरे रिश्ते बनाना चाहता है, ताकि क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिले।
बता दें कि, शरीफ के इस बयान को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आमतौर पर पाकिस्तान, भारत और रूस की नजदीकी पर आपत्ति जताता रहा है। लेकिन इस बार शरीफ ने उल्टा रुख अपनाते हुए रिश्तों की सराहना की। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान वर्तमान समय में आर्थिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है, ऐसे में रूस से दोस्ताना संबंध बनाना उसकी रणनीति का हिस्सा है।
बता दें कि, पुतिन ने यहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से भी बात की। इससे पहले, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में शरीफ को पुतिन से हाथ मिलाने की कोशिश करते देखा गया, जब वे शी जिनपिंग के साथ जा रहे थे।
भारत-रूस और पाकिस्तान-रूस समीकरण
भारत और रूस दशकों से रणनीतिक साझेदार हैं। रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और तकनीकी क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग गहरा है। ऐसे में पाकिस्तान का रुख बदलना यह संकेत देता है कि वह भारत-रूस दोस्ती को चुनौती देने के बजाय अपने लिए अलग रास्ता तलाशना चाहता है।
