देश में सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले दो दिनों में इन कीमती धातुओं में जोरदार उछाल के बाद गुरुवार (5 फरवरी 2026) को बाजार खुलते ही क्रैश का दौर शुरू हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी में भारी गिरावट दर्ज हुई, जहां यह लगभग 6% से 9% तक लुढ़की और प्रति किलोग्राम ₹24,000 से अधिक सस्ती हो गई। सोने में भी 1.25% से 1.5% की गिरावट आई, जिससे प्रति 10 ग्राम ₹4,500 तक का नुकसान हुआ। यह गिरावट पिछले सप्ताह की भारी बिकवाली के बाद आई तेजी को रोकती नजर आ रही है, जिससे निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है।
हमआपको बता दें कि, चांदी में गिरावट और भी तेज रही। MCX पर मार्च डिलिवरी के लिए चांदी 6% से 9% तक टूटी और ₹2,52,719 से ₹2,44,654 प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गई। कुछ समय के लिए यह लोअर सर्किट में भी फंसी रही। भौतिक बाजार में चांदी प्रति किलोग्राम ₹2,80,000 से ₹3,00,000 के बीच ट्रेड कर रही है, लेकिन फ्यूचर्स में ₹24,000 तक की गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा। चांदी पिछले दिनों ₹3,16,900 तक पहुंची थी, लेकिन अब यह स्तर टूट चुका है।
इस कड़ी में बता दें कि, यह क्रैश कई कारणों से हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी पर दबाव बढ़ा, जहां स्पॉट गोल्ड $4,971 तक गिरा और सिल्वर $73.57 प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से अधिक ब्याज दर कटौती पर सतर्कता और डॉलर की मजबूती ने सुरक्षित निवेश की मांग को कम किया। डॉलर इंडेक्स में बढ़त से कीमती धातुओं की अपील घटी। घरेलू स्तर पर MCX ने जोखिम प्रबंधन के लिए सोने पर 1% और चांदी पर 4.5% अतिरिक्त मार्जिन लगाया, जिससे ट्रेडिंग में दबाव बढ़ा। निवेशकों की मुनाफा वसूली और पिछले हफ्ते की भारी बिकवाली के बाद आई तेजी का सुधार (correction) भी इस गिरावट का हिस्सा है।
गौरतलब हैं कि, पिछले कुछ दिनों की बात करें तो सोना और चांदी में रिकॉर्ड उछाल देखा गया था। सोना $5,594 तक पहुंचा था और MCX पर ₹1,60,000 से अधिक स्तर छुआ था। चांदी भी ₹3,16,900 प्रति किलोग्राम तक गई। लेकिन बजट प्रभाव, वैश्विक अनिश्चितता और मुनाफा बुकिंग से गिरावट शुरू हुई। गुरुवार की यह गिरावट दो दिनों की तेजी को रोक रही है, जिससे बाजार में सवाल उठ रहे हैं कि क्या रिकवरी खत्म हो गई है या यह अस्थायी सुधार है।
