नई दिल्ली। 3 मार्च 2026 को भारत में चंद्र ग्रहण लगने वाला है। यह वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण है, जो कुल ग्रहण के रूप में होगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:46 बजे समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट रहेगी। भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदित’ के रूप में दिखाई देगा, क्योंकि चंद्रमा ग्रहण के दौरान उगता है।
ग्रहण भारत के विभिन्न हिस्सों जैसे दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पटना, चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, इम्फाल, शिलांग, कोहिमा और ईटानगर में दिखाई देगा। चंद्रमा की उगने का समय लगभग शाम 6:26 बजे है, जिसके बाद ग्रहण शाम 6:46 बजे तक दिखाई देगा। यह ब्लड मून के रूप में विश्व के कई स्थानों पर दिखाई देगा, जहां चंद्रमा लाल रंग का नजर आएगा। ग्रहण नग्न आंखों से देखा जा सकता है और दूरबीन की आवश्यकता नहीं है।
सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो चुका है और ग्रहण समाप्त होने पर शाम 6:46 बजे खत्म होगा। सूतक काल में भोजन करना, पूजा करना, मूर्ति स्पर्श करना, शुभ कार्य करना, अनावश्यक घर से बाहर जाना, सब्जी काटना, छीलना या पकाना जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं। मथुरा में प्रमुख मंदिरों में होली उत्सव स्थगित कर दिए गए हैं और मंदिर सुबह से बंद रहेंगे।
