रुद्रप्रयाग। बुधवार सुबह ठीक आठ बजे शुभ मुहूर्त में केदारनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। प्रातः लगभग चार बजे से शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पंचमुखी डोली की पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात डोली को मंदिर प्रांगण में लाया गया और कपाट खोलने की तैयारियां पूरी की गईं।
कपाट खुलते ही सबसे पहले पंचमुखी डोली को गर्भगृह में प्रवेश कराया गया। सभी धार्मिक औपचारिकताओं के बाद भगवान केदारनाथ विधिवत विराजमान हुए। इस पावन अवसर पर आसमान से पुष्प वर्षा हुई, जिससे पूरा धाम भक्तिमय वातावरण से भर गया।घाटी में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों की गूंज गूंज उठी। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौके पर उपस्थित रहे। कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का सिलसिला शुरू हो गया।इस अवसर पर केदारनाथ धाम आस्था और भक्ति की अद्भुत ऊर्जा से गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने इस पल को बड़े उत्साह के साथ मनाया।
कुल मिलाकर, केदारनाथ धाम के कपाट खुलने का यह अवसर आस्था, परंपरा और भक्ति का एक अद्भुत संगम बनकर सामने आया। पुष्प वर्षा, मंत्रोच्चार और भक्तों के जयकारों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। आने वाले दिनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे यह पवित्र धाम एक बार फिर भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा।
