इस्लामाबाद। मिडिल ईस्ट में जारी सीजफायर के बीच अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता हो रही है। यह वार्ता ईरान-हिजबुल्लाह सीजफायर को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाए जाने के बाद हो रही है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस दौर की बातचीत के लिए अपने दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को भेजा है। ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची वार्ता में भाग लेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा, “हमें उम्मीद है यह एक सार्थक बातचीत होगी और इससे किसी समझौते की दिशा में प्रगति होगी।”
इस्लामाबाद में हो रही यह दूसरी दौर की बातचीत है। इससे पहले 11-12 अप्रैल को पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी। उस समय तीन प्रमुख मुद्दों पर असहमति बनी रही थी, जिनमें तेहरान का अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम और उसका परमाणु भविष्य, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना तथा लेबनान में इजरायल से संबंधित युद्ध शामिल हैं।
ईरान ने यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार पर जोर दिया है, हालांकि संवर्धन के स्तर पर बातचीत की संभावना भी जताई गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस्लामाबाद में प्रत्यक्ष बातचीत की कोई योजना नहीं है। वार्ता के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान और रूस का दौरा करेंगे, जहां वे युद्ध समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा करेंगे।यूरोप और इजरायल के हमलों से शुरू हुए इस युद्ध के अभी समाप्त होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच इस दौर की बातचीत से सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
