नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने के लिए तीन चरणों वाला नया प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत का दूसरा दौर बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। तेहरान ने मध्यस्थों के माध्यम से वाशिंगटन को संदेश दिया कि वार्ता शुरू करने के लिए इन तीन चरणों का पालन करना होगा।
पहले चरण में ईरान ने युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने और भविष्य में ईरान तथा लेबनान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई को रोकने की गारंटी की मांग की है। यदि पहले चरण पर सहमति बनती है तो दूसरे चरण में दोनों पक्ष रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन और नियंत्रण पर चर्चा करेंगे। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
तीसरे और अंतिम चरण में ईरान परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार होगा। अमेरिका लंबे समय से ईरान से यूरेनियम संवर्धन रोकने और परमाणु भंडार को बाहर करने की मांग करता रहा है।व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह संवेदनशील कूटनीतिक मामला है और अमेरिका मीडिया के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका केवल ऐसे समझौते पर सहमत होगा जिसमें उसके नागरिकों का हित सर्वोपरि हो और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की कभी अनुमति नहीं दी जाएगी।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में पाकिस्तान का दो बार दौरा किया लेकिन अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत के लिए लंबी यात्राएं जरूरी नहीं हैं और इसे फोन पर भी किया जा सकता है। दोनों पक्षों के बीच मतभेद अभी भी जारी हैं।
