तेहरान। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि उनके लिए मौजूदा हालात अभी भी जंग जैसे बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और देश इस स्थिति को सामान्य नहीं मान रहा है। सेना और सुरक्षा एजेंसियां निरंतर मॉनिटरिंग और सर्विलांस कर रही हैं।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि अगर दुश्मन कोई नई कार्रवाई करता है तो ईरान नए हथियारों, तरीकों और मोर्चों पर जवाब देगा। यह बयान प्रेस टीवी के माध्यम से जारी किया गया। ईरान ने पहले अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट खोलने और जहाजों की आवाजाही शुरू करने का प्रस्ताव दिया था, जिसके बाद परमाणु मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही गई थी, लेकिन इसे ठुकरा दिया गया।
ईरान आने वाले दिनों में पाकिस्तान के माध्यम से युद्ध समाप्त करने का नया प्रस्ताव देने की तैयारी कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच परमाणु कार्यक्रम, यूरेनियम भंडार, फ्रोजन एसेट्स और क्षेत्रीय प्रभाव जैसे कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। ईरान ने इन वार्ताओं में अपनी शर्तों पर अडिग रहने का संकेत दिया है।देश पर लगी नाकेबंदी के कारण ईरान के पास तेल भंडारण की सीमित सुविधा बची है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ईरानी अधिकारियों ने स्थिति की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट और कूटनीतिक प्रयास
ईरान ने हाल ही में अमेरिका को एक प्रस्ताव दिया था, जिसमें उसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और जहाजों की आवाजाही को सामान्य करने की बात कही थी। इसके बदले में ईरान ने परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू करने की पेशकश की थी।
हालांकि, इस प्रस्ताव को अमेरिका की ओर से ठुकरा दिया गया। विश्लेषकों का मानना है कि यह अस्वीकृति दोनों देशों के बीच बढ़ते अविश्वास को दर्शाती है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और यहां किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
पाकिस्तान के जरिए नए प्रस्ताव की तैयारी
ताजा घटनाक्रम में ईरान अब एक नई रणनीति पर काम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक, ईरान आने वाले दिनों में पाकिस्तान के माध्यम से युद्ध समाप्त करने का नया प्रस्ताव पेश करने की तैयारी कर रहा है। यह कदम इस बात का संकेत है कि ईरान अब क्षेत्रीय सहयोग के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस मामले में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है, क्योंकि उसके दोनों पक्षों के साथ संबंध अपेक्षाकृत संतुलित हैं। हालांकि, इस प्रयास की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष कितनी लचीलापन दिखाते हैं।
