जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी डैम पर नर्मदा नदी के बैकवाटर में गुरुवार रात एक क्रूज नाव अचानक डूब गई। नाव में 39 लोग सवार थे। तेज आंधी के कारण नाव में पानी भरने से यह हादसा हुआ। हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लोगों को बचा लिया गया। छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर शुक्रवार सुबह सामने आई। बचाव दल को दिल्ली की एक महिला और उसके तीन वर्षीय बच्चे के शव एक-दूसरे से गले लगे हुए मिले। मां ने आखिरी समय में बच्चे को अपनी लाइफ जैकेट में बांधकर सीने से चिपका लिया था। परिवार की अन्य सदस्यों में पिता और बेटी बच गए।
बचाव कार्य के दौरान शवों को निकालने वाली टीम इस दृश्य से गहरे प्रभावित हुई। घटना के वक्त नाव हिलने लगी तो लोग चीखने-चिल्लाने लगे। उत्तरजीवियों ने बताया कि अचानक पानी भरने से सब कुछ समझ से बाहर हो गया और मौत सामने नजर आने लगी।शुक्रवार सुबह तक बचाव दल ने अतिरिक्त शव बरामद किए। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं।
दर्दनाक दृश्य ने सबको किया भावुक
शुक्रवार सुबह इस हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। बचाव टीम को दिल्ली से आई एक महिला और उसके तीन वर्षीय बच्चे के शव एक-दूसरे से गले लगे हुए मिले। बताया जा रहा है कि आखिरी क्षणों में मां ने अपने बच्चे को लाइफ जैकेट में बांधकर सीने से चिपका लिया था, ताकि उसे बचाया जा सके। हालांकि, प्रकृति के इस कहर के सामने दोनों की जान नहीं बच सकी।
परिवार के अन्य सदस्य—बच्चे के पिता और एक अन्य बेटी—इस हादसे में किसी तरह बच गए। यह दृश्य देखने वाले बचावकर्मी भी गहरे भावुक हो गए और कई की आंखों से आंसू निकल आए।
हादसे की पूरी कहानी
जानकारी के मुताबिक, क्रूज नाव में कुल 39 लोग सवार थे। गुरुवार रात मौसम अचानक खराब हो गया और तेज आंधी के साथ हवा का दबाव बढ़ने लगा। इसी दौरान नाव असंतुलित होने लगी और उसमें पानी भरना शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में हालात इतने बिगड़ गए कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
उत्तरजीवियों ने बताया कि नाव के डगमगाने के साथ ही चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन तेज हवा और पानी के दबाव के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। कई लोग पानी में गिर गए और देखते ही देखते नाव पूरी तरह डूब गई।
जबलपुर का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा में कमी और प्रकृति की अनदेखी का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है। मां और बच्चे का गले लगे हुए शव मिलना इस त्रासदी का सबसे दर्दनाक पहलू है, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में रहेगा।
