नई दिल्ली। भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। वे जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान ग्रहण करेंगे।लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ वर्तमान में उप सेना प्रमुख पद पर तैनात हैं। उन्होंने रेगिस्तान, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम मोर्चे सहित कई संवेदनशील जगहों पर कमान संभाली है। उनके पास करीब 40 साल का सैन्य अनुभव है।वे दक्षिणी-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जीओसी-इन-सी भी रह चुके हैं। पश्चिमी मोर्चे पर दो ऑपरेशनल कमानों की नेतृत्व करने वाले चुनिंदा अधिकारियों में शामिल रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मिशन (अंगोला) और सेना मुख्यालय से जुड़े अहम पदों पर काम किया है।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 30 जून को पदभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा। उन्हें अपनी विशिष्ठ सेवा के लिए परम विशिष्ठ सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ठ सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया जा चुका है।
चार दशक का व्यापक सैन्य अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने अपने सैन्य करियर में करीब 40 वर्षों तक विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। इस दौरान उन्होंने देश के कई संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान किया। रेगिस्तानी इलाकों से लेकर जम्मू-कश्मीर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों तक उनकी तैनाती रही है।
भारतीय सेना में लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने जमीनी अभियानों, सुरक्षा प्रबंधन, सैन्य योजना और परिचालन नेतृत्व में उल्लेखनीय योगदान दिया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनका व्यापक अनुभव भविष्य में सेना के संचालन और रणनीतिक निर्णयों को नई दिशा देने में सहायक हो सकता है।
चलते चलते बताते चले कि, रक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और सैन्य समुदाय की नजर अब उनके नेतृत्व पर रहेगी, क्योंकि आने वाले वर्षों में भारतीय सेना को नई तकनीकी, सामरिक और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना होगा। ऐसे समय में एक अनुभवी और सम्मानित सैन्य अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
