नई दिल्ली:मानसून के दौरान सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी आम बात है। लगातार बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचता है, जलजमाव और पौधों में गलन की समस्या शुरू हो जाती है, जिससे बाजार में आपूर्ति घट जाती है और दाम बढ़ जाते हैं। इससे आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ जाता है।
कृषि विशेषज्ञ अंबिका कुशवाहा के अनुसार, जून का महीना किचन गार्डन तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त समय है। इस समय लौकी, तुरई (नेनुआ), भिंडी, बरबटी, सेम, मिर्च और धनिया जैसी सब्जियों की बुवाई की जा सकती है। ये फसलें मानसून में अच्छी पैदावार देती हैं।
अंत में चलते चलते बता दें कि, इन सब्जियों को उगाने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। छोटे गमलों, ग्रो बैग या घर के आंगन, छत और बालकनी जैसे खाली हिस्से में भी इन्हें लगाया जा सकता है। समय-समय पर पानी, जैविक खाद और पौधों की निगरानी से अच्छी पैदावार मिल सकती है।किचन गार्डन से परिवार को ताजी और रसायन मुक्त सब्जियां मिलती हैं, जो बाजार की सब्जियों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और पौष्टिक होती हैं। इससे सब्जियों पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो जाता है और बढ़ती महंगाई का असर घटता है।
