मुंबई।धमाल फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म 10 जुलाई 2026 को थिएटर्स में रिलीज हुई है। अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी और रवि किशन जैसे कलाकारों वाली इस फिल्म का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है। ट्रेलर में दिखाई गई कॉमेडी ने दर्शकों में काफी उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन फिल्म इन उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
फिल्म की कहानी पुरानी धमाल स्टाइल पर आधारित है। गुड्डू (अजय देवगन)-जॉनी (संजय मिश्रा), आदी (अरशद वारसी)-मानव (जावेद जाफरी) और लल्लन (रितेश देशमुख) की तीन टीमें डाकू शैतान सिंह के 100 साल पुराने खजाने की तलाश में निकलती हैं। पृथ्वी (उपेंद्र लिमये) से खजाने की जानकारी मिलने के बाद समुद्री डाकू अधूरा (रवि किशन) भी इसमें शामिल हो जाता है। सभी किरदार खजाने को हासिल करने की कोशिश में कई कठिनाइयों का सामना करते हैं।
रिव्यू के अनुसार, फिल्म स्लैपस्टिक कॉमेडी है, लेकिन जोक्स हंसाते नहीं हैं। इसमें पुरानी फिल्मों के रेफरेंस भरे हैं, जबकि सिचुएशनल कॉमेडी की कमी दिखती है। राइटिंग निराशाजनक बताई गई है और निर्देशन दर्शकों को बांधने में असफल रहा। कुछ इमोशंस अंत में अच्छे लग सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर फिल्म बोर करती है।
हम आपको बता दें कि, VFX फिल्म का सबसे कमजोर पक्ष है। ज्यादातर सीन नकली लगते हैं, जिससे मूड खराब होता है। हालांकि कुछ सीन जैसे पहाड़ पर लटकने वाला सिक्वेंस रियल लोकेशन पर शूट किया गया है। कलाकारों में अरशद वारसी और जावेद जाफरी अच्छे लगे, जबकि रितेश देशमुख की कॉमेडी जबरदस्ती वाली लगी। अजय देवगन ने स्टार पावर दिखाने की कोशिश की, लेकिन समूह में कोई कमाल नहीं दिखा। गाने भी यादगार नहीं हैं। फिल्म के अंत में पांचवें पार्ट की घोषणा की गई है।
कॉमेडी में नहीं दिखी पुरानी धार
धमाल फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी पहचान उसकी हल्की-फुल्की और सिचुएशनल कॉमेडी रही है। लेकिन इस बार उपलब्ध समीक्षा के अनुसार फिल्म में हास्य का प्रभाव अपेक्षाकृत कमजोर महसूस होता है।
बताया गया है कि फिल्म मुख्य रूप से स्लैपस्टिक कॉमेडी पर आधारित है, लेकिन कई दृश्य अपेक्षित हंसी पैदा नहीं कर पाते। समीक्षा में यह भी कहा गया है कि फिल्म में पुरानी फिल्मों के संदर्भों का उपयोग अधिक किया गया है, जबकि नई और प्रभावशाली सिचुएशनल कॉमेडी की कमी महसूस होती है।
