मुंबई।यशराज फिल्म्स की स्पाई एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ रिलीज हो चुकी है। फिल्म में आलिया भट्ट मुख्य भूमिका में हैं, जबकि शार्वरी वाघ, बॉबी देओल, ऋतिक रोशन और अनिल कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। निर्देशक शिव रावेल द्वारा बनाई गई इस फिल्म की अवधि 2 घंटे 20 मिनट है।फिल्म की कहानी में आलिया भट्ट सीता का किरदार निभाती हैं, जो कर्नल फतेह (बॉबी देओल) की मोहरा बनकर काम करती हैं। बाद में पता चलने पर वह अपनी बिछड़ी बहन दुर्गा (शार्वरी वाघ) के साथ कर्नल के खिलाफ बागी बन जाती हैं। फिल्म में आलिया भट्ट और शार्वरी वाघ ने अपनी भूमिकाओं में पूरी मेहनत दिखाई है। बॉबी देओल का एक्शन और शार्वरी वाघ का काम सराहनीय रहा, जबकि ऋतिक रोशन का कैमियो भी ध्यान आकर्षित करता है।
हालांकि, फिल्म की स्क्रिप्ट कमजोर है और कई सीन अन्य फिल्मों से प्रेरित लगते हैं। एक्शन सीक्वेंस भी कमजोर रहे, जिनमें जरूरत से ज्यादा एक्शन दिखाया गया है। आलिया भट्ट ने एक्शन में कोशिश की, लेकिन सीन्स में उनकी एक्शन स्किल्स कमजोर नजर आईं। कुल मिलाकर फिल्म स्पाई थ्रिलर प्रेमियों को निराश कर सकती है।फिल्म को 2.5 स्टार की रेटिंग दी गई है। समीक्षक का मानना है कि बेहतर विकल्प उपलब्ध होने पर ‘अल्फा’ को थिएटर में देखने की बजाय अन्य ऑप्शन चुने जा सकते हैं।
कहानी: मजबूत शुरुआत, लेकिन कमजोर पकड़
फिल्म की कहानी सीता नाम की एक महिला एजेंट के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार आलिया भट्ट ने निभाया है। सीता एक मिशन के दौरान कर्नल फतेह (बॉबी देओल) के प्रभाव में आकर उसके लिए काम करती है। कहानी में मोड़ तब आता है जब उसे कर्नल के असली इरादों का पता चलता है। इसके बाद वह अपनी बिछड़ी बहन दुर्गा (शार्वरी वाघ) के साथ मिलकर उसके खिलाफ खड़ी हो जाती है।
कहानी में बहनों के रिश्ते, जासूसी मिशन, विश्वासघात और बदले की भावना जैसे कई तत्व मौजूद हैं। शुरुआत में फिल्म दिलचस्प लगती है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, उसकी पकड़ कमजोर होती चली जाती है। कई घटनाएं अनुमानित लगती हैं और पटकथा दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखने में सफल नहीं हो पाती।
‘चलते चलते बता दे कि, अल्फा’ एक ऐसी फिल्म है, जिसमें बेहतरीन कलाकार, बड़ा प्रोडक्शन और शानदार विजुअल्स मौजूद हैं, लेकिन मजबूत कहानी के अभाव में यह अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाती। आलिया भट्ट, शार्वरी वाघ और बॉबी देओल ने अपने-अपने किरदारों में मेहनत की है, लेकिन कमजोर पटकथा उनके प्रदर्शन को पूरी तरह उभरने का अवसर नहीं देती। यदि आप एक नई और रोमांचक स्पाई थ्रिलर की उम्मीद लेकर थिएटर जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपको मिश्रित अनुभव दे सकती है।
