‘नई दिल्ली। टीम नवीन’ में 13 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव, 1 संगठन महासचिव, 2 सह-संगठन महासचिव और 16 सचिव शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को फिर से राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। राष्ट्रीय महासचिव के रूप में स्मृति ईरानी, विप्लव कुमार देव, सतीश पूनिया, हरीश द्विवेदी, गजेंद्र पटेल और संजय भाटिया को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि विनोद तावड़े और सुनील बंसल को इस पद पर बरकरार रखा गया है। संघ के पूर्व प्रचारक राम माधव की उपाध्यक्ष के रूप में वापसी हुई है। उपाध्यक्ष पद पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी और तारिक मंसूर को शामिल किया गया है। अनुभव के लिहाज से 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों को राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।
आयु वर्ग के संतुलन में 40 वर्ष से कम उम्र के 6 सदस्य, 40-49 आयु वर्ग के 15 और 50-59 वर्ष के 21 सदस्यों को स्थान दिया गया है। डिजिटल मोर्चे पर पकड़ मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को नया राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है। नई टीम में अनुसूचित जनजातीय समुदाय के 4 सदस्यों को शामिल किया गया है। कई दलित चेहरों को भी जगह मिली है। सामान्य वर्ग और ओबीसी के नेताओं का संतुलन बनाए रखा गया है। कुल 6 अल्पसंख्यक नेताओं को स्थान मिला है, जिनमें 1 सिख, 2 ईसाई, 2 मुस्लिम, 1 जैन और 1 पारसी समुदाय से हैं। लगभग 40 फीसदी से ज्यादा नई टीम के सदस्य वंचित समाज से हैं।
राष्ट्रीय महासचिवों में अनुभवी और नए चेहरों का मेल
बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में महासचिवों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। नई टीम में स्मृति ईरानी, विप्लव कुमार देव, सतीश पूनिया, हरीश द्विवेदी, गजेंद्र पटेल और संजय भाटिया को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं विनोद तावड़े और सुनील बंसल को इस पद पर बरकरार रखा गया है।
इन नियुक्तियों में एक तरफ संगठन और चुनावी राजनीति का अनुभव रखने वाले नेताओं को महत्व दिया गया है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आने वाले नेताओं को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी देकर संगठन का दायरा व्यापक रखने की कोशिश की गई है। महासचिवों को राज्यों के संगठन के साथ समन्वय, पार्टी के कार्यक्रमों के संचालन और चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होती है।
डिजिटल मोर्चे पर बढ़ेगा फोकस
आज के दौर में राजनीतिक संगठनों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बेहद महत्वपूर्ण हो चुके हैं। सोशल मीडिया के जरिए राजनीतिक संदेश कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। इसी को देखते हुए नई टीम में डिजिटल संगठन पर भी ध्यान दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को नया राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से पार्टी की डिजिटल रणनीति को और व्यवस्थित करने की कोशिश का संकेत मिलता है। सोशल मीडिया संयोजक के स्तर पर पार्टी के संदेश, कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
2027 के चुनावी राज्यों पर खास नजर
नई टीम की सबसे अहम विशेषताओं में चुनावी राज्यों को दिया गया प्रतिनिधित्व है। 2027 में विधानसभा चुनाव वाले राज्यों से 18 नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिली है। इनमें उत्तर प्रदेश से 8, उत्तराखंड से 4, गुजरात से 4 और पंजाब से 2 नेता शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व मिलना राजनीतिक रूप से खास महत्व रखता है। देश का सबसे अधिक लोकसभा सीटों वाला राज्य होने के कारण यूपी का विधानसभा चुनाव भी राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने पहले ही अपने राज्य संगठन में बड़े बदलाव किए थे और अब राष्ट्रीय टीम में भी राज्य के कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
कुल मिलाकर नितिन नवीन की नई टीम में 51 नए चेहरे और 14 अनुभवी नेताओं का संयोजन बीजेपी के संगठनात्मक बदलाव की बड़ी तस्वीर पेश करता है। 2027 के विधानसभा चुनाव इस टीम की शुरुआती परीक्षा होंगे, जबकि 2029 का लोकसभा चुनाव इसका बड़ा लक्ष्य रहेगा। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राष्ट्रीय संगठन में किए गए इन बदलावों का राज्यों के जमीनी संगठन, चुनावी अभियान और पार्टी के विस्तार पर कितना प्रभाव पड़ता है।
