नई दिल्ली। तोरई की बेल तेजी से बढ़ने वाली फसल है। इसकी बेल को जमीन पर फैलने के बजाय ऊपर की ओर चढ़ाया जाए तो पौधे को अच्छी तरह बढ़ने के लिए जगह मिलती है। इसके लिए खेत या बगीचे में मजबूत ट्रेलिस बनाना जरूरी होता है। कई किसान बेल को बिना सहारे के जमीन पर ही फैला देते हैं, जिससे पौधे की देखभाल और फलों की तुड़ाई में परेशानी हो सकती है। सही सहारा मिलने पर बेल को फैलने की जगह मिलती है और फल भी जमीन पर गिरने से बचते हैं।
इस कड़ी में हम आपको बता दें कि, बेल को सहारा देना इसलिए जरूरी है क्योंकि तोरई की बेल लंबी होकर आसपास फैलती है और उसे चढ़ने के लिए मजबूत सहारे की जरूरत होती है। अगर बेल को सहारा नहीं मिलता तो वह जमीन पर फैल जाती है। इससे खेत में काम करने में परेशानी होती है और फलों के आसपास नमी बनी रहने से नुकसान का खतरा भी रहता है। ट्रेलिस पर बेल चढ़ाने से पौधे को ऊपर की ओर बढ़ने की जगह मिलती है और खेत में भी जगह बचती है।
वही हम आपको यह भी बताते चले कि, ट्रेलिस बनाने का आसान तरीका बांस और मजबूत रस्सी का इस्तेमाल करना है। खेत में एक-दूसरे से दूरी पर बांस के डंडे गाड़ें और उन्हें ऊपर से मजबूत रस्सी या तार से जोड़ दें। इसके बाद बीच-बीच में रस्सी बांधकर जाल जैसा ढांचा तैयार करें। डंडे अच्छी तरह जमीन में लगे हों, ताकि बेल का वजन बढ़ने पर ट्रेलिस नीचे न झुके। ट्रेलिस तैयार होने के बाद बेल को हाथ से सहारे की ओर ले जाएं और जरूरत हो तो नरम रस्सी से हल्के से बांध दें। रस्सी बहुत कसकर न बांधें। जैसे-जैसे बेल बढ़ती जाए, उसकी दिशा को सही करते रहें।
आखिर में जानकारी देते चले कि, तोरई की बेल बढ़ने के साथ उसका वजन भी बढ़ता जाता है, खासकर जब उसमें फल आने लगते हैं। इसलिए कमजोर डंडे या बहुत पतली रस्सी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। तेज हवा या बारिश में कमजोर ढांचा टूट सकता है। जब बेल ऊपर फैली होती है तो फल आसानी से दिखाई देते हैं, जिससे समय पर तुड़ाई संभव होती है। जमीन पर फैली बेल की तुलना में ट्रेलिस पर उगी बेल की निगरानी आसान रहती है और खेत में आने-जाने के लिए ज्यादा जगह मिलती है।
