नई दिल्ली। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की इस वीकेंड संभावित भारत यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से रहमान के नई दिल्ली दौरे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनके पास कोई नया अपडेट नहीं है। जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इस मामले पर उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है और अगर कोई अपडेट होगा तो उसे साझा किया जाएगा।
इस कड़ी में हम आपको बता दें कि, शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन ने एक आधिकारिक सूचना वापस ले ली, जिसमें शनिवार को होने वाले चेंज ऑफ गार्ड समारोह को रद करने की बात कही गई थी ताकि रहमान के औपचारिक स्वागत का पूर्ण रिहर्सल किया जा सके। राष्ट्रपति भवन की प्रेस विज्ञप्ति से यात्रा होने का आभास हुआ, लेकिन जल्द ही नोटिस वापस ले लिया गया। दोपहर में नए बयान में स्पष्ट किया गया कि ‘इस शनिवार कोई चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी नहीं होगी’ शीर्षक वाली प्रेस रिलीज वापस ले ली गई है।
वही यहां यह भी बताते चले कि, आमतौर पर राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में हर शनिवार सुबह 30 मिनट का चेंज ऑफ गार्ड समारोह आयोजित होता है। यदि शनिवार को सरकारी छुट्टी हो या राष्ट्रपति भवन का निर्देश हो तो यह समारोह नहीं होता। राष्ट्रपति भवन के अनुसार यह एक सैन्य परंपरा है, जिसके तहत गार्ड और संतरी समय-समय पर बदले जाते हैं।
खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा 23 और 24 अगस्त के लिए तय की गई थी, लेकिन कुछ मुद्दों के कारण यह आयोजित नहीं हो सकी। विदेश मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि भारत ने रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के साथ-साथ नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इस यात्रा की बारीकियों पर चर्चा के लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की कूटनीतिक बैठकें हो चुकी हैं।
गौरतलब हैं कि, 5 अगस्त को नई दिल्ली में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल मीडिया संवाद के बाद दोनों देशों के संबंधों में नया तनाव आ गया था। इसके तुरंत बाद ढाका ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की अपनी मांग दोहराई और इसे रहमान की भारत यात्रा की संभावना से जोड़ने की कोशिश की। भारत ने खुद को इससे अलग कर लिया और स्पष्ट किया कि नई दिल्ली ने न तो इसमें कोई भूमिका निभाई है और न ही हसीना की टिप्पणियों का समर्थन किया है। 78 वर्षीय शेख हसीना को अगस्त 2024 में छात्रों के हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद सत्ता से हटा दिया गया था, जिसके बाद से वे भारत में रह रही हैं।
