समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

, भोपाल: इस वर्ष 30 अप्रैल को मनाया जाएगा अक्षय तृतीया – कभी क्षय नहीं होने वाला पुण्य फल दाता पर्व अक्षय तृतीया (आखातीज) इस वर्ष 30 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस अवसर पर रवि, शोभन एवं सर्वार्थ सिद्धि का मंगलकारी संयोग बनेगा।

वहीं इसी दिन परशुराम जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसके उपलक्ष्य में शहर के पूर्वी और पश्चिम क्षेत्र से शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। स्वयं सिद्ध मुहूर्त में से एक आखातीज पर वैवाहिक आयोजन भी बड़ी संख्या में होंगे।  वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया 29 अप्रैल को शाम पांच बजकर 31 मिनट से 30 अप्रैल को दोपहर दो बजकर 12 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि में तृतीया 30 अप्रैल को होने से इसी दिन अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। इस दिन पूजा के लिए श्रेष्ठ समय सुबह पांच बजकर 41 मिनट से दोपहर दो बजकर 12 मिनट तक छह घंटे 31 मिनट रहेगा। इस दौरान सोना-चांदी के साथ ही चल-अचल संपत्ति खरीदना भी लाभदायक रहेगा। इस दिन शाम चार बजकर 18 मिनट से रवि योग लगेगा। इसके अतिरिक्त शोभन योग 29 अप्रैल को दोपहर 3.53 से 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक रहेगा। इस दिन कार्य में सिद्धि देने वाला सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा।  अक्षय तृतीया को वैदिक ज्योतिष में भी विशेष महत्व दिया गया है। अक्षय का शाब्दिक अर्थ होता है जिसका कभी क्षय न हो अर्थात अनंत। अतः इस दिन किया हुआ जप, यज्ञ, पितृ-तर्पण, दान-पुण्य एवं वेद-स्वाध्याय तथा पूजा आदि कर्मों का कभी क्षय नहीं होता। मान्यताओं के अनुसार इस दिन किसी भी प्रकार का शुभ कार्य करने हेतु किसी मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है। विवाह, गृह प्रवेश, नवीन वस्त्राभूषण, संपत्ति, वाहन क्रय किया जा सकता है। अक्षय तृतीया के दिन त्रेता युग का आरंभ हुआ था।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version