अमेरिका।अमेरिका ने ईरान के चारों ओर सैन्य घेरा कस लिया है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना की ताकत बढ़ाई गई है। क्षेत्र में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो सामान्य दिनों की तुलना में करीब 10 हजार अधिक हैं। पेंटागन ने हाल में 2000 पैराट्रूपर्स को मिडिल ईस्ट भेजा है।
82वीं एयरबोर्न डिवीजन के ये 2000 पैराट्रूपर्स ईरान से हमला करने लायक दूरी पर तैनात किए गए हैं। साथ ही 2500 मरीन और 2500 नाविकों के नए जत्थे भेजे गए हैं। 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के सैनिक कठिन सामरिक अभियानों के लिए स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ एक महीने से चल रहे युद्ध में अगले कदम पर फैसला ले रहे हैं। इसमें रणनीतिक द्वीपों पर कब्जे की योजना शामिल हो सकती है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के 90 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है, जिसमें मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप भी शामिल है।
ईरानी हमलों से होर्मुज जलमार्ग बंद हो गया है, जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि कमांडर-इन-चीफ को ज्यादा से ज्यादा विकल्प देने के लिए पेंटागन तैयारियां कर रहा है। इसका मतलब यह नहीं कि राष्ट्रपति ने कोई फैसला ले लिया है। पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देशों के माध्यम से बैकचैनल प्रयासों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है।
