मुंबई।सीरियल अनुपमा लंबे समय से टीआरपी में धमाल मचा रही थी, लेकिन अब इसकी रेटिंग तेजी से गिर रही है। वसुधा ने अनुपमा की जगह नंबर वन पर कब्जा कर लिया है। दर्शकों ने अचानक अनुपमा को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया है।अनुपमा की कहानी वसुधा से काफी अलग है। वसुधा में कई किरदार होने के कारण मेकर्स को प्रयोग करने का मौका मिलता है, जबकि अनुपमा में फोकस मुख्य रूप से एक ही किरदार पर रहता है। मेकर्स बार-बार एक ही ट्रैक को दोहरा रहे हैं, खासकर अनुज और श्रुति से जुड़ी कहानी को।
दर्शक अनुपमा के कई लवर्स से परेशान हैं। पोता-पोती होने के बावजूद अनुपमा के आशिकों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके अलावा अनुपमा बार-बार कमबैक करती दिख रही है, जैसे गोवा जाकर समंदर किनारे ढोसा बेचना। परिवार में शाह और कोठारी हाउस की चिल्लमचिल्ली भी दर्शकों को परेशान कर रही है।
‘वसुधा’ की सफलता इस बात का संकेत है कि दर्शक अब नए प्रयोगों को पसंद कर रहे हैं। वहीं ‘अनुपमा’ के लिए यह समय कहानी में बदलाव और नए दृष्टिकोण लाने का माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मेकर्स दर्शकों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेते हैं और कहानी में ताजगी लाते हैं, तो ‘अनुपमा’ एक बार फिर टीआरपी की रेस में मजबूत वापसी कर सकता है। फिलहाल टीवी की दुनिया में ‘वसुधा’ ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए नंबर वन की कुर्सी हासिल कर ली है।
