नई दिल्ली ।बगीचे में फलों का पेड़ लगाने का ख्याल आते ही ज्यादातर लोगों के मन में एक ही डर बैठ जाता है कि फल आने में सालों लग जाएंगे। सच यह है कि यह धारणा हर पौधे पर लागू नहीं होती। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ पौधे ऐसे भी हैं, जो थोड़ी सी सही देखभाल के बदले चंद महीनों में ही फलों से भर जाते हैं। इनमें पपीता, नींबू, कलमी अमरूद, केला और स्ट्रॉबेरी शामिल हैं। औसत तापमान 18 डिग्री सेल्सियस वाली मौसम में पपीता सबसे अच्छी पैदावार देता है। इसे लगाने के लिए 2×2 मीटर की दूरी पर लंबा…
Author: Shweta Sharma
नई दिल्ली ।बारिश का मौसम पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन कई पौधों के लिए यह परेशानी भी बन सकता है। अक्सर लोग यह सोचकर सभी गमलों में पानी डाल देते हैं कि बारिश के बावजूद पौधों को ज्यादा पानी की जरूरत होगी। जबकि कई पौधों की जड़ें लगातार गीली रहने पर सड़ने लगती हैं। इसलिए मानसून में पौधों की जरूरत के हिसाब से ही पानी देना अच्छा माना जाता है।सक्कुलेंट पौधे जैसे जेड प्लांट, एलोवेरा, कैक्टस और हॉवर्थिया अपनी पत्तियों में पानी जमा करके रखते हैं। बारिश के मौसम में इन्हें ज्यादा पानी देने…
नई दिल्ली। परवल एक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद सब्जी है जिसे अधिकतर लोग खाना पसंद करते हैं। इसे घर के छोटे किचन गार्डन में भी आसानी से उगाया जा सकता है। घर पर परवल लगाने का पूरा तरीका यहां बताया गया है।परवल की खेती के लिए सबसे अच्छा समय फरवरी से अप्रैल के बीच माना जाता है। इस समय मौसम गर्म होने लगता है, जो परवल की बेल के लिए उपयुक्त रहता है। कुछ जगहों पर बरसात के मौसम में भी परवल लगाया जाता है। परवल को बीज या बेल की कलम यानी कटिंग से लगाया जा सकता है। घर…
नई दिल्ली स्टीविया एक ऐसा पौधा है जो एक बार लगाने पर पांच साल तक उपज देता है। यह चीनी से करीब 300 गुना ज्यादा मीठा होता है, लेकिन इसमें कैलोरी बिल्कुल नहीं होती। इसकी पत्तियां ही मुख्य उत्पाद हैं, जिन्हें सुखाकर बाजार में बेचा जाता है। डायबिटीज मरीजों के लिए यह चीनी का विकल्प माना जाता है, जिससे हेल्थ इंडस्ट्री में इसकी मांग बढ़ रही है।स्टीविया की बुवाई बीज से नहीं, बल्कि कलमों से की जाती है। करीब 15 सेंटीमीटर लंबी कलमों को काटकर पॉलिथिन की थैलियों में तैयार किया जाता है। जड़ें निकलने के बाद इन्हें खेत में…
दुबई। दुबई के जेबेल अली इंडस्ट्रियल एरिया में 20 मिनट के अंदर सात धमाके हुए। इसके बाद आसमान में धुएं का गुबार देखा गया। सोशल मीडिया पर धमाकों के बाद छाए धुएं के वीडियो वायरल हुए। इस घटना का वीडियो बनाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।ईरान की समाचार एजेंसी मेहर ने बताया कि 20 मिनट में कम से कम सात धमाकों की आवाज सुनाई दी। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि धमाके किसी हमले की वजह से हुए या कोई इंडस्ट्रियल एक्सीडेंट था। यूएई की मीडिया ने धमाके की वजह की पुष्टि नहीं की…
खेती में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और कल्टीवेटर जैसी आधुनिक मशीनें आ चुकी हैं, लेकिन ये काफी महंगी होती हैं। कई किसान इन्हें खरीद नहीं पाते या खरीदने के बाद लागत नहीं निकाल पाते। लोन की ईएमआई, ब्याज और मेंटेनेंस का खर्च भी जुड़ जाता है। ये मशीनें साल में कुछ ही दिनों काम आती हैं, इसलिए छोटे और सीमांत किसानों के लिए खरीदना नुकसानदेह साबित हो सकता है। ऐसे में किसान किराए पर मशीन लेकर खेती कर रहे हैं। इस संबंध में जानकारी दे दें कि, किराए पर मशीनरी लेने का फायदा यह है कि सिर्फ इस्तेमाल के समय का पैसा…
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में हंगामा जारी है। मंगलवार को राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में बहस हुई। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और केंद्र सरकार से ईडी, सीबीआई जैसी एजेंसियों की कार्रवाई पर जवाब मांगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया, वे अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। तीखी नोकझोंक के बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की, लेकिन शोर-शराबे…
नई दिल्ली। मशरूम फार्मिंग कम जगह और कम लागत में घर बैठे कमाई का तरीका है। इसके लिए बड़े खेत या जमीन की जरूरत नहीं होती। यह पूरी तरह इनडोर खेती है, जिसमें सूरज की सीधी रोशनी की आवश्यकता नहीं पड़ती। घर के खाली कमरे, पुराने शेड या गैराज से इसकी शुरुआत आसानी से की जा सकती है। युवा पीढ़ी और छोटे किसान भी इसकी ओर रुख कर रहे हैं। इस कड़ी में बता दें कि, बिना जमीन के शुरुआत के लिए 10×10 के कमरे में लकड़ी या लोहे के रैक तैयार किए जाते हैं। वर्टिकल फार्मिंग से एक के…
Open banner options नई दिल्ली।।भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों का ऐलान कर दिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि इस बार भी रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है और इसे 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। इससे होम लोन और ऑटो लोन लेने वालों की ईएमआई पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वे जस की तस रहेंगी। यहां यह जानकारी दे दें कि, गवर्नर संजय मल्होत्रा ने न्यूट्रल रुख बरकरार रखते हुए रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला किया। इसके अलावा…
पटना। बांकीपुर उपचुनाव में जनसुराज पार्टी की बड़ी जीत के बाद पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आजतक से खास बातचीत में कहा कि भाजपा के सभी समीकरण ध्वस्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जनता भाजपा की कार्यशैली से नाराज है और भाजपा ने बिहार पर नेतृत्व थोपा है।प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकतंत्र में जीतने वाली पार्टी अपना नेता चुन सकती है, लेकिन जनता के पास भी अपने मत के जरिए संदेश देने का अधिकार होता है। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर में जनसुराज को वोट देने वाले अधिकांश लोग भाजपा के पारंपरिक समर्थक थे। इन मतदाताओं ने…