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समाचार मिर्ची

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में सक्रिय हुआ है। ट्रस्ट 22 जुलाई की बैठक के बाद सभी दान राशि और संबंधित रसीदों को नई वेबसाइट पर अपलोड करने की तैयारी कर रहा है।सूत्रों के अनुसार, यह कदम वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगभग तय है। दान, आय और खर्च का विस्तृत विवरण ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से सार्वजनिक किया जाएगा।

चढ़ावा चोरी के मामले में एसआईटी और पुलिस अलग-अलग जांच कर रही हैं। इस मामले में आठ आरोपितों को जेल भेजा गया है। भविष्य में ऐसी किसी भी घटना से बचने के लिए ट्रस्ट यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है, हालांकि किसी ट्रस्टी ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।चढ़ावा चोरी का मामला 6 जून को सामने आया था। इसके बाद योगी सरकार ने जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। पुलिस ने दान गिनती प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था।

वेबसाइट पर उपलब्ध होगा दान का पूरा विवरण

सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट की नई वेबसाइट पर दान राशि, रसीदों और आय-व्यय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को यह जानने में सुविधा होगी कि मंदिर में कितना दान प्राप्त हुआ और उसका उपयोग किन कार्यों में किया जा रहा है।

हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इस प्रस्ताव की अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि 22 जुलाई को होने वाली बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।

यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो यह देश के प्रमुख धार्मिक संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। डिजिटल माध्यम से जानकारी उपलब्ध होने पर रिकॉर्ड का रखरखाव भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

अंत में बताते चले कि, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में प्रस्तावित कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दान राशि, रसीदों और आय-व्यय का विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की योजना लागू होने पर श्रद्धालुओं को अधिक पारदर्शी व्यवस्था देखने को मिल सकती है। फिलहाल, पूरे मामले की जांच एसआईटी और पुलिस द्वारा जारी है तथा अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। दूसरी ओर, ट्रस्ट की 22 जुलाई की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसी बैठक के बाद इस नई डिजिटल व्यवस्था को लेकर औपचारिक निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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