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अयोध्या। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की मूर्ति पर सूर्य तिलक की घटना शुक्रवार को हुई। सूर्य की किरणें मंदिर की खिड़की से होकर सीधे रामलला के ललाट पर पड़ीं और एक खास तिलक जैसा प्रभाव उत्पन्न किया।

यह घटना राम नवमी के अवसर पर विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ जमा थी, जो इस दिव्य दृश्य को देखने के लिए उत्सुक थी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पवित्र क्षण के लाइव दर्शन किए। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की और रामलला के सूर्य तिलक के दृश्य को देखा।इस सूर्य तिलक की व्यवस्था मंदिर के इंजीनियरिंग डिजाइन के माध्यम से की गई है, जिससे हर साल राम नवमी पर सूर्य की किरणें ठीक रामलला के माथे पर पड़ती हैं।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पावन अवसर पर भगवान राम की पूजा-अर्चना की और सूर्य तिलक का लाइव दर्शन टेलीविजन के माध्यम से किया। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी की गई तस्वीरों में वे इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण को लाइव प्रसारण के जरिए देखते नजर आए। यह दर्शाता है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी विशेष पहचान रही।

अयोध्या के राम मंदिर में राम नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दर्शन के लिए मंदिर के द्वार सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक खुले रहे, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु भगवान रामलला के दर्शन कर सकें। हालांकि सूर्य तिलक के आधा घंटा पहले और बाद में सुरक्षा कारणों से केवल वीआईपी पास धारकों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई थी। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

कुल मिलाकर, राम नवमी 2026 का यह सूर्य तिलक आयोजन आस्था, परंपरा और विज्ञान के अद्वितीय संगम का प्रतीक बनकर सामने आया है। यह न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि भारतीय संस्कृति, वैज्ञानिक प्रगति और आध्यात्मिक चेतना का भी शानदार उदाहरण साबित हुआ।

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